फतेहपुर। घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास में कोर्ट ने दोषी को पांच साल की कैद और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की काटना होगा। अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि पीड़िता को देनी होगी।
फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट प्रथम के जज रविकांत द्वितीय ने सुनाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। एक नाबालिग लड़की नौ नवंबर 2015 को दरवाजे पर साफ-सफाई कर रही थी। उसी समय गांव का मसरे आलम किशोरी के घर पहुंचा था।
किशोरी से दीपावली की मिठाई मांगने लगा। घर में किसी के नहीं होने की बात किशोरी ने कही। तभी मसरे आलम ने किशोरी को पकड़ लिया और दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज मसरे आलम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में छह गवाह पेश हुए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मसरे को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।