सूरत सिंह यादव (फाइल फोटो)। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
रक्षपालपुर। पत्नी को बस में बैठाकर सड़क पार कर रहे सेवानिवृत्त लेखपाल को बस ने टक्कर मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ते पर पेड़ की डाल रखकर जाम लगा दिया। किशनपुर व खखरेरू थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया। इस पर दो घंटे बाद यातायात बहाल हो सका।
खखरेरू थाना क्षेत्र के कठरिया गांव निवासी सूरत सिंह (60) तीन माह पहले लेखपाल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह गांव में पत्नी सुमेरकली व अन्य के साथ रहते थे। उनका एक मकान खागा कस्बे के विजय नगर मोहल्ले में है। वहां उनके पुत्र विमल कुमार व उनका परिवार रहता है। शुक्रवार की सुबह नौ बजे सूरत सिंह, पत्नी सुमेरकल के साथ साइकिल से गांव के बाहर सड़क किनारे पहुंचे। साइकिल को सड़क किनारे खड़ी करके वह पत्नी को खागा जाने वाली एक बस में बैठाकर वापस साइकिल लेने के लिए सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी। इससे वह घायल हो गए। इलाज के लिए प्रयागराज ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने विजयीपुर-खखरेरू मार्ग पर पेड़ की डाल व बल्ली रखकर सुबह 10 बजे जाम लगा दिया। ग्रामीण बस चालक की गिरफ्तारी और सड़क पर ब्रेकर बनाए जाने की मांग कर रहे थे। थानाध्यक्ष योगेश कुमार ने बताया कि बस को खागा कोतवाली के बडे़ भीट बाबा देवस्थल के पास से पकड़ लिया गया है लेकिन चालक व परिचालक भाग गए हैं।
उधर, सुमेर सिंह यादव की पत्नी सुमेरकली, पुत्र विमल, बेटी पूजा व आरती का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सेवानिवृत्त एसडीएम मनीष कुमार, तहसील के अन्य अधिकारी और कई लेखपाल कोतवाली पहुंचे। हालांकि तब तक परिजन शव लेकर खखरेरू पुलिस के साथ फतेहपुर के लिए निकल गए थे।
हादसे की खबर पर बिलखते परिजन। संवाद- फोटो : FATEHPUR