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सजामाफ होने पर छूटा बुजुर्ग कैदी

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फतेहपुर। आधी सजा काट चुके बुजुर्ग कैदी को स्वतंत्रता दिवस पर रिहाई मिल गई। जेल से छूटने पर कैदी की खुशी का ठिकाना न रहा। कैदी को 10 साल कारावास हुआ था।
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उन्नाव के पुरवा थाना क्षेत्र के चुरियानी निवासी अजय पाल (79) को बिंदकी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसने
एक महिला पर ज्वलनशील पदार्थ फेंका था। महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी। इसमें आरोपी अजय भी झुलसा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
मामले में कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के करीब पांच साल वह काट चुका था। जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने बताया कि शासन ने आजीवन कारावास की सजा काटने वालों को छोड़कर बाकी कैदियों की सजा माफी की योजना बनाई है। आधी सजा काट चुके कैदियों को छोड़ने का उनकी दया याचिका पर विचार कर छोड़ने का प्रावधान है।
ऐसे 10 कैदियों की सूची भेजी गई थी। जिसमें स्वतंत्रता दिवस पर अजय पाल की रिहाई के आदेश आए हैं। कैदी को शासन के निर्देश पर छोड़ा गया है। दस साल की सजा में वह पांच साल दो महीने 14 दिन सजा काट चुका है। शेष बंदियों की रिहाई के आदेश पर छोड़ा जाएगा।
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जेल से छूटने पर रो पड़ा अजय
आधी सजा काटने के बाद जेल से छूटे अजय की आंखों से आंसू छलक पड़े। वह जेल अधिकारियों के हाथ पैर जोड़ने लगा। उसने बोला कि उसे लगता था कि अब उसकी अर्थी जेल से उठेगी।
डिप्टी जेलर एके राय ने बताया कि कैदी को कम सुनाई देता है। उसकी मुलाकात भी नहीं आती थी। वह काफी परेशान था। जेल से छूटने पर उसने अधिकारियों को धन्यवाद दिया है।
जेल से कैदी को रिहा कर दिया गया, लेकिन उसे लेने कोई नहीं पहुंचा। इन हालातों में जेल अधीक्षक ने हेड वार्डर उत्तम शर्मा को उसे घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी। हेड वार्डर उसे बस से लेकर गांव पहुंचे। उसकी बहू अनीता की सुपुर्दगी में उसे सौंपा।
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उसका एक बेटा छंगा है। छंगा दिल्ली में मजदूरी करता है। घर में उल्लास का माहौल हो गया। बाकी परिवार में अजय के पौत्र, पौत्री हैं।
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