औंग(फतेहपुर)। फैक्टरी कर्मी सुनील यादव हत्याकांड का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। नशेे में विवाद के बाद पेचकस से गोदकर हत्या करना चचेरे भाई ने कबूला है। पुलिस ने मृतक और आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। घटना में प्रयुक्त वैन भी बरामद की है। वैन के अंदर भी खून लगा मिला है। हत्याकांड का सुराग देने वाली कोई और नहीं बल्कि आरोपी की पत्नी ही है।
थानाक्षेत्र के रहसूपुर निवासी सुनील यादव दादा नगर, कानपुर स्थित फैक्टरी में काम करता था। आठ फरवरी की रात थानपुर गांव के लिंक मार्ग पर उसका शव पड़ा मिला था। शव की शिनाख्त 17 फरवरी को हुई थी। घटना की रात मृतक गांव में ही एक मुर्गा पार्टी में गया था। इसके बाद से लापता हो गया था। थाने में सीओ परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि मामले में मृतक के चचेरे भाई अजय शंकर यादव को गिरफ्तार किया गया है। अजय वैन संचालक है।
घटना की रात मृतक मुर्गा पार्टी छोड़कर अजय के पास शराब पीने पहुंचा था। एक क्वार्टर खत्म होने के बाद सुनील ने फिर शराब पीने की बात कही। रुपये न होने पर अजय ने अपने बेटे को फोन कर ठेके के पास परचून दुकानदार आकाश के खाते में 90 रुपये डलवाए। दुकानदार से नकद रुपये लेकर फिर शराब ली। कार में बैठकर शराब पीने के दौरान पुरानी गांवदारी की बातों पर दोनों में विवाद हो गया।
लगातार गालीगलौज करने पर अजय ने सुनील को वैन से धक्का दे दिया। जिससे हाईवे पर डिवाइडर से सुनील का सिर टकराया और वह बेहोश हो गया। फंसने के डर से अजय वैन में सुनील को लादकर थानपुर गांव किनारे ले गया और वैन में रखे पेचकस से वार कर सुनील को मार डाला। पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे पर भी चोट पहुंचाई। इसके बाद मृतक की शर्ट, पैंट उतारकर वैन में रख ली और रास्ते में कपड़े फेंककर भाग निकला। इस दौरान अजय का अंगौछा, चप्पल मौके पर छूट गए। मृतक का स्वेटर भी वहीं छूट गया था।
पुलिस को यकीन था कि घटना में गांव के ही किसी व्यक्ति का हाथ है। हत्या की कोई ठोस वजह समझ न आने के कारण पुलिस नतीजे तक नहीं पहुंच पा रही थी। मृतक की पत्नी श्यामा देवी ने स्वेटर से पति की शिनाख्त की थी, लेकिन चप्पल और अंगौछा पति का होने से मना किया था। पुलिस चप्पल और अंगौछे की घर-घर जाकर पहचान कराने में जुटी थी। इसी दौरान अजय शंकर की पत्नी संगीता ने अंगौछा और चप्पल अपने पति की होना बताया।
पुलिस को संगीता ने यह भी बताया कि पति से चप्पल के बारे में पूछा था तो पति भड़क उठे और उसे पीटा था। पति उसे अक्सर पीटते हैं। इसी वजह से कुछ समझ नहीं सकी। थानाध्यक्ष वृंदावन राय और स्वॉट टीम प्रभारी प्रथम अनिरुद्घ द्विवेदी की संयुक्त टीम ने आशापुर के पास वैन के साथ आरोपी अजय को गिरफ्तार किया। वैन से पुलिस ने मृतक और आरोपी के खून लगे कपड़े, खून की छींट पाई। बरामद चप्पल भी आरोपी को पहनाई। चप्पल आरोपी को फिट बैठी, तभी आरोपी ने हत्या कबूल की। सीओ ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को जेल भेजा गया है।
अजय की वजह से मृतक की भाभी ने किया था सुसाइड
पुलिस सूत्रों के मुुताबिक, तीन दिन से चल रही सख्त पूछताछ के बाद अजय शंकर ने हत्या की ठोस वजह नहीं कबूली। आखिर विवाद किस बात पर हुआ था, यह नहीं बताया। उसका एक जवाब सामने आया कि वह होश में रहता तो अपना अंगौछा, चप्पल क्यों घटनास्थल पर छोड़ आता। इससे पुलिस के सवालों पर विराम लगा। पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि मृतक सुनील की भाभी को अजय परेशान करता था। इससे भाभी ने सात साल पहले सुसाइड कर लिया था। अब वह मृतक की पत्नी पर भी गलत नीयत रखता था। ग्रामीणों में अजय शंकर यादव की दहशत है। उसकी लंबाई करीब साढ़े छह फीट है और बात-बात पर मारपीट करने के कारण ग्रामीण उससे डरते थे। वह गांव में कई लोगों को पीट चुका है। उसने अपने बड़े भाई रमा शंकर पर हंसिया से हमला किया था। एक मामला और सामने आया कि मृतक सुनील के बड़े भाई जितेंद्र ने कुछ दिन पहले गांव की तीन बीघा जमीन बेची थी। जमीन अजय ने ही बिकवाई थी, लेकिन जमीन की पूरी रकम उसने जितेंद्र को नहीं दी थी। घटना के राजदार शराब ठेके के सेल्समैन ने भी अजयशंकर का नाम कबूला है।