फोटो-20-बंद शादीपुर रेलवे क्रासिंग। संवाद
फोटो-21-सीवर लाइन के इंटरमीडिएट पंप हाउस निर्माण के लिए चिह्नित जमीन पर लगा बोर्ड। संवाद
लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही टेंडर न हो पाने के कारण लगा विराम
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही शहर में सीवर लाइन और शादीपुर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण का काम अधर में अटक गया। टेंडर न हो पाने के कारण करीब दो महीने अब इन दोनों परियोजनाओं में काम शुरू नहीं पाएगा। ऐसे में एक बार दोनों योजनाएं फिर चुनावी मुद्दा बन सकती हैं।
1989 लोक सभा चुनाव के समय शहर में सीवर लाइन का निर्माण का मुद्दा बनता नजर आ रहा है। इस चुनाव में जिले से चुनकर प्रधानमंत्री बने वीपी सिंह ने शहर में सीवर लाइन की आधारशिला रखी थी, लेकिन अल्प समय में सरकार गिरने के बाद सीवर लाइन का बजट वापस हो गया था। इसके बाद से हर चुनाव में सीवर लाइन मुद्दा बनता आ रहा है।
इस बार जुलाई महीने में केंद्रीय बजट में शहर में सीवर लाइन निर्माण के लिए 311.40 करोड़ बजट स्वीकृत हुआ। इसके बाद 41 करोड़ की किस्त भी जारी हुई, लेकिन सात महीने में दो बार टेंडर हुए, लेकिन टेंडर स्वीकृत नहीं हुए। अब अधिसूचना जारी हो गई, जिसमे सीवर लाइन निर्माण फिर अधर में अटक गया है।
शहर की दूसरी बड़ी परियोजना शादीपुर रेलवे क्रासिंह पर ओवरब्रिज का निर्माण है। 24 घंटे में करीब 50 हजार लोगों का ट्रैक पार कराने वाली इस क्रासिंग में हर समय लंबी लाइन लगी रहती है। जाम के कारण लोगों को आने जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विधानसभा में सपा विधायक ने फरवरी में बजट सत्र के दौरान इस क्रासिंग में ओवरब्रिज का मामला उठा। प्रदेश सरकार ने करीब 1000 करोड़ की धनराशि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए स्वीकृत कर दिया, लेकिन अभी तक इसके निर्माण के लिए टेंडर ही नहीं हो पाया। ऐसे में फिलहाल इस परियोजना का भी काम अधर में अटक गया है।
सीवर लाइन निर्माण के लिए आवंटित 41 करोड़ की धनराशि काम न शुरू हो पाने के कारण 31 मार्च को वापस हो जाएगी। ऐसी हालत में निर्माण कब शुरू होगा, इसको लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
............
बयान:-
सीवर लाइन निर्माण के लिए अभी तक टेंडर स्वीकृत नहीं हुआ है। अधिसूचना लागू हो जाने के कारण अब टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकती है। अधिसूचना हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होगी। इसके बाद ही निर्माण शुरू हो पाएगा। -तूलिका, एक्सईएन जल निगम