फतेहपुर। चिकित्सा के क्षेत्र में होम्योपैथी पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। साल दर साल इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके प्रमाण बीते तीन वर्ष आकड़े बताते हैं। दो साल पहले जहां चार से पांच लाख मरीज होम्योपैथी से उपचार करा रहे थे, वहीं उनकी संख्या बढ़कर साढ़े सात से आठ तक पहुंच गई है।
जिले में राजकीय चिकित्सालय सहित 43 होम्योपैथिक चिकित्सालय हैं। कोरोना के बाद से इस पद्धति से उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियों के अलावा त्वचा, पथरी, लीवर जैसे अन्य गंभीर रोगों के उपचार के लिए लोग इस पद्धति का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में तमाम ऐसे मरीज हैं, जिन्होंने ऐलोपैथी से राहत न मिलने पर होम्योपैथी से उपचार शुरू किया है।
फोटो-42-कुमार शेखर
- ज्वालागंज निवासी कुमार शेखर ने बताया कि होम्योपैथी दवाओं से उपचार में समय ज्यादा जरूर लगता है लेकिन फायदा अवश्य ही है। स्किन की समस्या को लेकर होम्योपैथी से इलाज किया। अब पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।
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- मुराईनटोला निवासी श्रेय शुक्ला ने बताया कि अब सामान्य बीमारियों के लिए होम्योपैथी का उपचार करती हैं। मौसमी, स्किन व पेट संबंधी बीमारी में उपचार कराया। उसमें फायदा भी मिला है।
इनसेट-
होम्योपैथिक के जिले भर के चिकित्सालयों में आने वाले रोगी
वर्ष 2021-22 में पांच लाख 47 हजार 787 रोगी
2022-23 में सात लाख 30 हजार 276 रोगी
2023-24 मार्च तक सात लाख 66 हजार तीन रोगी
-कोट्स-
होम्योपैथी पद्धति से इलाज के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है। यही वजह है कि राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोगियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ अमरीश चंद्रा, जिला होम्योपैथी अधिकारी