फतेहपुर। करीब 12 दिन से खांसी, जुकाम, बुखार और पीठ दर्द से परेशान होकर कानपुर के रिजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती हुए कलक्ट्रेट कर्मचारी को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। पीड़ित कर्मी का परिवार भी कानपुर में ही रह रहा है। इधर, फ्लू की रिपोर्ट आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
आनन फानन जिला अस्पताल में 6 बेड का एक अतिरिक्त वार्ड फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। वार्ड में लगने वाले कर्मचारियों को भी चिन्ह्ति कर लिया गया है।
कलक्ट्रेट कालोनी के डी-15 निवासी रामबाबू कलक्ट्रेट कार्यालय में तैनात हैं। वह बीते कुछ दिनों से बुखार , जुकाम, खांसी, पीठ दर्द की समस्या से परेशान थे। राहत न मिलने पर 16 जुलाई को उन्हें रीजेन्सी में भर्ती किया गया।
यहां डॉक्टर ने आशंका पर डेंगू, स्वाइन फ्लू की जांचें कराईं। जांच में इंफ्लूएंजा ए एचवनएनवन की पुष्टि हुई। एहतियात के तौर पर सीएमएस डॉ.आरएम गुप्ता ने जिला पुरुष अस्पताल में छह बेड का वार्ड आरक्षित कर दिया गया है।
- यह हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण -
- लगातार लंबे समय तक खासी, तेज बुखार आना, बदन दर्द होना, सांस लेने में दिक्कत होना और सीने में दर्द होना।
- यूं करें बचाव -
- मास्क लगाकर रखें
- खांसी, जुकाम और लगातार बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं
- फ्लू पीड़ित के संपर्क में आने पर हाथ साबुन से धोएं
- किसी के छींकते समय सामने न पड़े
- पक्षियों को खाने के शौकीन उनके सेवन से बचें, मीट के सेवन से बचें
- यह भी जानें
यह वायरस सुअरों के द्वारा लोगों के संपर्क में आता है। एक बार किसी इंसान के प्रभाव में आ जाने से यह एक से दूसरे व्यक्ति तक छूने या संपर्क में आने से भी फैलता है। यह फ्लू शरीर में मौजूद न्यूमी काकल बैक्टीरिया का अटैक है।
इसका पहला हमला फेफड़े पर होता है। फेफड़ा कमजोर करने के बाद यह शरीर के हर अंग को प्रभावित करने लगता है। धीरे-धीरे मरीज शारीरिक रूप से कमजोर हो जाता है। बेहतर उपचार न पाने की दशा में मरीज की मौत भी सकती है।
फ्लू से पीड़ित रामबाबू अब पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं, उनके घर के सदस्यों की सैंपलिंग कराने के लिए टीम भेजी गई थी लेकिन घर पर कोई नहीं मिला।
जानकारी करने पर पता चला कि सभी कानपुर में हैं। उनके पड़ोसियों की सैंपलिंग कराई गई है लेकिन किसी में भी फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं।
- डॉ. सुनील भारतीय, सीएमओ