रास्ते पर भरे बाढ़ के पानी में नहाते बच्चे। संवाद
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फतेहपुर। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर बह रहा है। बाढ़ का पानी कई गांवों और घरों में घुस गया है। ललौली की प्रमुख बाजार में पानी पहुंच गया है। दुुकानों के अंदर पानी भर गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। स्टेट हाईवे समेत चार मार्गों पर आवागमन प्रभावित है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण की रिपोर्ट में शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर 102.46 मीटर पर पहुंच गया है। खतरे का निशान 100 मीटर पर है। बहुआ प्रतिनिधि के अनुसार ललौली क्षेत्र के पलटूूपुर में 60 घर बाढ़ से प्रभावित हैं। अढ़ावल में आठ घर और ललौली में 10 घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अमौली प्रतिनिधि के अनुसार यमुना के बाढ़ से नोन नदी उफान पर आ गई है। इससे परसेढ़ा, दपसौरा, गौरी औरा गांव में पानी घुस गया है। बहुआ प्रतिनिधि के मुताबिक यमुना नदी के बाढ़ से तटवर्ती गांव के प्रमुख संपर्क मार्ग बंद हैं। ललौली कस्बे से होकर निकलने वाले बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे पर बाढ़ का पानी बह रहा है। प्रशासन ने वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी है। इसी प्रकार ललौली-कोर्रा कनक मार्ग, कोर्रा कनक-मैनाही मार्ग और ललौली दसौली मार्ग में बाढ़ का पानी भरा है। मैनाही, हड़ाही, दड़ियार, बेलखरा, ओनई, भूप का डेरा, धोबिया, उरौली, दसौली, धनुवन डेरा, पलटूपुर गांव का संपर्क बाढ़ के कारण कट गया है। हड़ाही और मैनाही गांवो में तेजी से कटान हो रही है। बाढ़ से निपटने के लिए राहत केंद्र ललौली इंटर कालेज में एक कंपनी पीएसी पहुंच गई है।
किशनपुर। यमुना में बाढ़ के कारण महावतपुर असहट के साथ ही किशनपुर के कुछ घरों में पानी घुस गया है। असहट गांव के दो परिवार विस्थापित करके प्राइमरी विद्यालय के राहत शिविर में लाया गया। अब राहत शिविर में आठ परिवार हो गए हैं। महावतपुर असहट गांव की रहने वाली सावित्री देवी और सोहन का परिवार अपना घर छोड़कर प्राइमरी में पहुंच गए है। प्रशासन की ओर से एक-एक बोरी गेहूं, चावल और सब्जी का इंतजाम कर दिया गया है। किशनपुर कस्बा किनारे यमुना के ओर बने वार्ड नंबर चार, छह के कई मकान बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। (संवाद)