दुकानदार से बात करते एसओ एमएम अंसारी
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गांव नवासी मुन्ना उर्फ किस्सू ने दो महीने पहले घर में ही परचून की दुकान खोली है। मुन्ना मुंबई में प्राइवेट जॉब करता था। दो महीने पहले उसे वहां चिकनगुनिया हो गया था। इसके बाद वह गांव लौट आया। उसके दो बेटे और एक बेटी है। एक पखवारे पहले मनमुटाव होने पर पत्नी संजू छोटे बेटे सूरज और बेटी प्रियंका को लेकर मायके सरसौल थाना क्षेत्र के तिवारीपुर चली गई। बड़े बेटे सुधीर को यहां पास छोड़ गई थी। बुधवार को सुधीर भी बिना बताए ननिहाल चला गया। मुन्ना ने बताया कि गुरुवार की शाम गूंझी गांव निवासी उसकी सौतेली मां की बहन का दामाद सीताराम दुकान पर आया। उसके हाथ में कबाब और शराब की एक बोतल थी। उसने कबाब पकाने की बात कही। बीमारी का हवाला देकर मना करने पर वह जिद करने लगा। रिश्ते की वजह से वह घर में जाकर कबाब पकाया। दोनों ने कबाब खाया और शराब पी। इसी बीच सीताराम ने चिकनगुनिया का जिक्र छेड़ते हुए कहा कि उसके पास एक दवा है, जो जड़ से चिकनगुनिया खत्म कर सकती है। यह कहते हुए उसने तरल पदार्थ पिला दिया। हालत बिगड़ने लगी। वह कुछ पूछता इससे पहले साढ़ू ने उसे चारपाई पर गिराकर गला दबाने की कोशिश की। इसी दौरान बिना बताए घर से गया बड़ा बेटा सुधीर घर आ गया। अंदर से दरवाजा बंद और पुकारने पर न बोलने पर वह पड़ोसी की छत से घर में कूदा। उस वक्त भी रिश्तेदार साढ़ू मेरे सीने पर बैठा गला दबाने की कोशिश कर रहा था। सुधीर ने साथ आए बैरूखेड़ा में रहने वाले साला जगदीश दरवाजा खोलकर अंदर बुलाया। इससे सीताराम भाग निकला। इधर, शुक्रवार को कल्याणपुर एसओ एमएम अंसारी ने सदर अस्पताल में भर्ती मुन्ना का बयान लिया। एसओ ने बताया कि मामले की छानबीन करने के लिए पुलिस को लगाया गया है। यह तो जानलेवा हमले का आरोप लगा रहा है।