संवाद न्यूज एजेंसी
खागा। 30 अप्रैल को सुपर मार्केट में हुए हेमू हत्याकांड का षड़यंत्र आठ अप्रैल यानी हत्या की रात से 22 दिन पहले बनाया गया था। घटना की रात साजिश के तहत हेमू घर में अकेली थी। उसी बीच मकान में किराएदार की तरह रहने वाले दुर्गा प्रसाद सोनी उर्फ छेद्दू पान वाले ने हेमू की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना का खुलासा बुधवार को किया। मुख्य आरोपी दुर्गा प्रसाद सोनी सहित चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। हत्याकांड में नामजद तीन आरोपी अभी फरार चल रहे हैं।
पुलिस हिरासत में दुर्गा प्रसाद सोनी उर्फ छेद्दू पान वाले ने अपना गुनाह कबूल किया। उसने पुलिस को खागा नौबस्ता बाईपास के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कराया। सबूत प्राप्त होते ही पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड में दुर्गा प्रसाद सोनी, हेमू की सास शांति देवी, शांति देवी की बेटी बीना और बीना के पति सुभाष केसरवानी को जेल भेजने की कार्यवाही की। शांति देवी, बीना, सुभाष ने हत्या की साजिश रची थी। हत्याकांड में फिलहाल शांति देवी की दूसरी बेटी मीना, उसके पति रमेश और एक रिश्तेदार विनय केसरवानी निवासी दारानगर कौशाम्बी फरार हैं।
हत्या की रची गई साजिश
खागा। प्रापर्टी को लेकर हेमू और सास शांति देवी के बीच चल रहा विवाद काफी बढ़ गया था। शांति देवी, उनकी दोनों बेटियों व छेद्दू ने हेमू को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार आठ अप्रैल को बीना प्रयागराज से खागा पहुंची और घर के सामने खड़ी होकर मां शांति देवी से बात करने लगी। वहां छेद्दू भी आ गया। मुकदमेबाजी को लेकर शांति देवी ने हेमू की हत्या करने को कहा। साजिश बनी कि किसी दिन हेमू की छोटी बेटी तान्या को घर से प्रयागराज भेज दिया जाए। हेमू घर पर केवल अपने बेटे के साथ रह जाएगी। बेटा बोलने में सक्षम नहीं है और मंदबुद्धि है। ऐसे में वह कुछ देखेगा भी तो कोई फर्क नहीं पडे़गा।
स्कूल में मेडिकल लगाकर तान्या को ले गई प्रयागराज
खागा। साजिश के तहत शांति देवी ने 28 अप्रैल को अपनी पोती तान्या के स्कूल में उसका मेडिकल लगाया और उसे लेकर बेटी बीना के पास प्रयागराज चली गई। घर पर हेमू अपने पांच वर्षीय बेटे के साथ अकेले थी। 30 अप्रैल की शाम किसी समय दुर्गा सोनी उर्फ छेद्दू पान वाले घर के अंदर दाखिल हुआ और सीढि़यों के पास बने बेसमेंट में बोरियों के ऊपर जाकर अंधेरे में लेट गया। रात करीब 11 बजे वह बाहर निकला और सीढि़यों से चढ़कर ऊपर पहुंचा। हेमू बेटे के साथ बेडरूम का दरवाजा बंद करके सो रही थी। छेद्दू ने योजनानुसार धारदार खंजर से बेडरूम के ठीक सामने के ताला बंद कमरे की कुंडी को ठोकना औरा टेढ़ा करना शुरू किया। हेमू की आवाज से नींद खुली, वह बेडरूम का दरवाजा खोलकर बाहर आ गई। पुलिस के अनुसार हेमू ने बाहर आकर आवाज लगाई। उसी बीच घात लगाए छेद्दू ने पहला प्रहार हेमू की दाहिनी कनपटी पर किया। वह लहूलुहान होकर सीढ़ी पर गिर गई। गिरने से उसके सिर के पीछे गंभीर चोटें आईं। उसके गिरते ही छेद्दू ने उसका गला रेत दिया और बेडरूम में जाकर नीचे के मुख्य दरवाजे की चाभी उठाई और दरवाजा खोलकर बाहर आ गया। घटना के बाद पुलिस ने बेसमेंट में जाकर जांच की तो वहां रखी बोरियों का ऊपरी हिस्सा सपाट हो चुका था। देखने पर ऐसा लग रहा था कि बोरियों के ऊपर कोई लेटा था।
हैलो.......बीना...घर में बड़ी घटना हो गई है
खागा। 30 अप्रैल की रात हेमू की हत्या के बाद एक मई की सुबह करीब नौ बजकर 20 मिनट पर दुर्गा सोनी उर्फ छेद्दू ने घर के बाहर से बीना को फोन किया और बताया कि घर में कोई बड़ी घटना हो गई है। हेमू की मौत हो गई। छेद्दू का यह फोन ही घटना के खुलासे के लिए अहम बना। जबकि पुलिस को दूध देने वाले व्यक्ति ने एक मई की दोपहर को सूचना दी थी। इसके बाद ही हत्याकांड की जानकारी सभी को हुई थी। घटना की जानकारी के बाद छेद्दू ने दो बार और बीना को फोन लगाया और घटना की जानकारी देता रहा।
तान्या के जाते ही सभी हो गए थे सतर्क
खागा। हत्या की साजिश रचने के बाद सास शांति देवी, हेमू को घर में अकेले करने के लिए प्रयासरत थी। 28 को जैसे ही शांति देवी योजना के अनुसार अपनी पोती तान्या को लेकर प्रयागराज पहुंची तो पूरा परिवार यानी शांति देवी, उसकी बेटी बीना, मीना, बीना के पति सुभाष और मीना के पति रमेश, उनका रिश्तेदार विनय सभी सतर्क हो गए। परिजन, यह जानते थे कि एक-दो दिन में कभी भी घटना हो सकती है।