बिंदकी। नगरपालिका उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मत पेटियों में बंद हो चुका है। दिनभर चुनावी माहौल के साथ चर्चाओं का बाजार गर्म है। मतदान के बाद लोग हार जीत के आंकड़े लगा रहे हैं। चुनावी माहौल के हिसाब से भाजपा और सपा में आमने सामने टक्कर होने के आसार दिख रहे हैं।
नगर पालिका चुनाव को लेकर उत्साहित मतदाताओं ने अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान किया। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। माहौल और मतदाताओं के रुझान को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा और सपा के बीच चुनाव टिके होने के आसार दिख रहे हैं। सपा का बेस वोट मुस्लिम मतदाताओं को माना जाता है। इसके अलावा प्रत्याशी के जातिगत और अन्य मतों के कयास लगाने पर सपा चुनावी टक्कर में बनी हुई है। वहीं प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी के बेस वोट की बात करें तो भाजपा की स्थिति भी प्रबल है। उसे हर वर्ग से वोट मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही भाजपा का गढ़ और भाजपा विधायक की लगातार निगरानी में चुनाव जीतने के दावे ज्यादा मजबूत कर रहे हैं। इन स्थितियों के बीच मतदाताओं का एक एक वर्ग ऐसा भी है जो प्रत्याशियों के मन में उहापोह की स्थिति पैदा कर रहा है।
दरअसल एक अफवाहों का दौर चला। इसे लेकर एक सामान्य मतदाता के दिमाग में भी असर डाला गया। वे बोलते दिखे कि डर का माहौल बनाया जा रहा है। वह गलत है। ये वह वोटर है, जिसका किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। ये वोट साइलेंट है और अगर अफवाहों वाइलेंट हुआ, तो चुनाव के निर्णय बदलने में सबसे मददगार साबित होगा। चर्चाओं और कयासों के हिसाब से हार का अंतर अधिक होने पर ही पार्टी प्रत्याशी हार सकता है, वरना चेयरमैन की कुर्सी पर उनका ही कब्जा होगा। वैसे इसका फैसला 13 मई को मतपेटियों के खुलने के बाद हो जाएगा।