फतेहपुर। छात्रा का एक्सीडेंट करने वाली बस का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बस में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ही पीछे नहीं लगी है। आगे की ओर प्लेट में नंबर ही नहीं लिखा गया है। बस का टैक्स, बीमा, फिटनेस तक नहीं है। बताया जा रहा है कि बस संचालक मंगलवार को स्कूल पहुंचा और प्रधानाचार्य पर रौब जमाते हुए स्कूल से बस ले जाने की कोशिश की। उस बस की जगह दूसरी बस खड़ी करने का दबाव बनाया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरम इलाके में सोमवार सुबह एक स्कूल की अनफिट बस के चालक की लापरवाही से कक्षा दो की छात्रा शुभी पाल का हाथ कुचला था। हादसे के बाद पुलिस ने शिवपुरम स्थित सरस्वती बाल मंदिर के परिसर में ही अनफिट बस खड़ी करा दी थी। उधर, मामले को मैनेज करने के लिए स्कूल में अटैच अनफिट स्कूली बस के ट्रैवल्स कंपनी संचालक ने छात्रा को कानपुर रीजेंसी में भर्ती कराया। एआरटीओ विभाग दावा करता है कि सौ फीसदी कॉमर्शियल वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग चुकी है। लेकिन हादसा करने वाली बस में हाई सिक्योटिरी नंबर प्लेट ही नहीं लगी है। हादसा करने वाली बस की आगे प्लेट पर नंबर नहीं लिखा है। इसके अलावा चालक, परिचालक, डीएम, एआरटीओ समेत अन्य अधिकारियों के सीयूजी, हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखे हैं। बस के अंदर लगने वाले तमाम सुरक्षा उपकरण गायब हैं।
शिवपुरम विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल परिसर में पुलिस की ओर खड़ी कराई एक्सीडेंट करने वाली बस को लेने ट्रैवल्स कंपनी संचालक कई लोगों के साथ मंगलवार का आया था। बस सुपुर्द करने का दबाव बनाने लगे। उन्हें दूसरी बस के कागजात दिखाए। वह बोला कि इस बस को हटवा दो वह दूसरी बस खड़ी करा देगा। ऐसा नहीं करने पर वह कुछ भी कर सकता है। उल्टा जबरन बस खड़ी कराने के मुकदमे में फंसा देगा।
फोटो 15- बस के अंदर चेकिंग करते एआरटीओ
फोटो 16- बस रुकवा चेक करते एआरटीओ
स्कूल बसों से नदारद मिले सीसी कैमरे, अग्निशमन यंत्र, सात का चालान
- मानकविहीन 18 स्कूली बसों को चेतावनी देकर छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। स्कूल बस से हुए हादसे के बाद एआरटीओ विभाग हरकत में आया है। पूरे शहर में स्कूली बसों को रोक-रोक कर चेक किया गया। इस दौरान बेहद खराब मानक पाए जाने पर सात बसों का चालान किया गया। करीब 18 बस चालकों को चेतावनी देकर छोड़ा गया है। व्यवस्था को दुरुस्त करने का अंतिम मौका दिया गया है। विभाग की ओर से शासन को पत्राचार कर विद्यालय की मान्यता समाप्त कराई जाएगी।
एआरटीओ द्वितीय जीएन मिश्रा ने अभियान चलाकर स्कूल बसों को चेक किया। शहर के अवंती बाई चौराहा, पटेल नगर, पत्थरकटा, नउवाबाग, जेल रोड, आईटीआई रोड, ज्वालागंज, राधानगर में बसों को रोका गया। अधिकांश बसों में कैमरे, अग्निशमन यंत्र, बिना वर्दी चालक, परिचालक, फर्स्ट एड बॉक्स गायब मिले। चेकिंग दौरान फिटनेस पर दो बसों का चालान और बीमा समेत अन्य कागजातों में कमी पाए जाने पर पांच का चालान किया गया।
चेकिंग में सरस्वती विद्या मंदिर, सेठ एमआर जयपुरिया, सीपीएस, सेंट मैरी, विश्व भारती गर्ल्स इंटर कालेज, पटेल इंटर कालेज, सरस्वती बाल विद्या मंदिर, सेंट जेवियर्स, सेंट मैरी समेत अन्य स्कूलों की बसें शामिल हैं। एआरटीओ ने बताया कि अधिकांश बसों के मानक पूरे नहीं पाए गए। सात का चालान किया गया है। बाकी को अंतिम चेतावनी देकर छोड़ा गया है। स्कूल संचालक खामियों को दूर नहीं करते तो नोटिस दी जाएगी। विभाग की ओर से पत्राचार कर विद्यालय की मान्यता समाप्त कराई जाएगी।
स्कूल बस के संचालन में ये है जरूरी
-बस में कैमरा होना चाहिए।
-जीपीआरएस ट्रैकर।
-अग्निशमन यंत्र।
-मेडिकल किट।
-बस के परमिट होने चाहिए।
-बस की फिटनेस सर्टिफिकेट।
-प्रदूषण वैधता प्रमाणपत्र।
-ड्राइविंग लाइसेंस।
-एक पुरुष और महिला हेल्पर होना चाहिए।
-साइड की तीन पाइप होनी चाहिए, जिससे बच्चा सिर बाहर नहीं निकाल पाए।
-सीट बेल्ट होनी चाहिए।
-बस के पीछे स्कूल के नाम और नंबर लिखे होने चाहिए।
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