हसवा। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ता हसवा ब्लाक परिसर में धरना देने पंहुचे। धरने की सूचना पर ब्लाक परिसर पर कर्मचारियों ने ताला डाल दिया। इस पर किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने ताला तोड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
हर माह की नौ तारीख को किसान यूनियन ब्लाक परिसर में धरना प्रदर्शन करती हैं। उसी क्रम में मंगलवार को किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष उमेश सिंह परमार व महामंत्री शिवधेश मौर्य बड़ी संख्या में किसानों को लेकर ब्लाक पहुंचे। सूचना होने पर कस्बे के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने गेट पर ताला डाल दिया। इससे भाकियू के कार्यकर्ता आग बबूला हो गये। उनका आरोप है कि ब्लाक प्रमुख विकास पासवान ने गेट पर ताला डलवा दिया है। महामंत्री शिवधेश मौर्य ने ब्लाक प्रमुख विकास पासवान से मोबाइल से बात की। उन्होंने बताया कि परिसर के अंदर धरना प्रदर्शन की वजह से अव्यवस्था उत्पन्न हो जाती है। उच्च अधिकारियों से इस मामले में वार्ता की गयी तो उन्होंने परिसर के बाहर धरने की बात कही है। किसान हमेशा परिसर के अंदर धरना प्रदर्शन करते रहे। उमेश परमार ने बताया कि धरना वाले दिन कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं रहता है। पिछली बैठकों में समस्याएं दी जाती हैं, उनका निराकरण नहीं हो पाता है। इसी डर से अधिकारी गायब रहते हैं। गेट में ताला देखकर किसान आक्रोशित हो गए। धक्के में ही गेट खुल गया और धरना दिया गया।
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सरकारी कार्यालय का ताला तोड़ना अराजकता
हसवा। ब्लाक प्रमुख विकास पासवान ने बताया कि किसी सरकारी कार्यालय का ताला तोडना अराजकता है। किसानों व पदाधिकारियों की समस्याएं हमेशा सुनी जाती रहीं हैं। लेकिन आज का भाकियू के कृत्य की उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ लिखा पढ़ी कराई जाएगी। एक सरकारी आफिस का ताला तोडना अपराध है।
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ब्लाक परिसर में ब्लाक प्रमुख ने ताला बंद करा दिया था। जिस पर किसानों ने धक्का दिया और ताला खुल गया, जिसके बाद शांति पूर्वक धरना दिया गया है। यदि हमारी समस्याओं का हल नहीं निकला, तो इसके खिलाफ लंबा धरना प्रदर्शन होगा।
उमेश परमार, ब्लाक अध्यक्ष किसान यूनियन, अराजनैतिक