हुसैनगंज। जमीन के विवाद में गांव सिरसी के प्रेम सिंह लोधी की हत्या के मामले में सामने आया है कि गोली मारने के बाद भी हत्यारोपियों ने प्रेम सिंह पर लाठी डंडे से हमला किया। पुलिस ने सोमवार को वकील समेत तीन आरोपियों को जेल भेजा है। फरार दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव पहुंचा। परिजनों में कोहराम मच गया। गंगा किनारे शव का अंतिम संस्कार किया गया है।
थाना क्षेत्र के सिरसी गांव निवासी प्रेम सिंह लोधी की घर के दरवाजे पर गांव के वकील धनंजय सिंह लोधी और उसके भाई कल्लू, रणधीर, संजय, अनिल उर्फ पारस ने रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने रविवार रात को ही हत्यारोपियों में धनंजय सिंह लोधी, कल्लू, रणधीर को चितीसापुर इंटर काॅलेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी कल्लू की निशानदेही पर तमंचा भी बरामद किया।
प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि गोली चलाने वाला आरोपियों में कल्लू है। आरोपी गोली मारने के बाद प्रेम सिंह को लाठी डंडे से पीटते रहे। आरोपियों पर बलवा, हत्या, मारापीट, गाली गलौज, जान से मारने की का मुकदमा दर्ज किया गया था। फरार आरोपी संजय और अनिल उर्फ पारस की तलाश है। पांचों आरोपी रिश्ते में सगे भाई हैं।
- प्रभाव दिखाकर जमीन पर कब्जा करना चाहते थे
हत्यारोपी पक्ष में धनंजय लोधी वकील है। उसका परिवार भी बड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक इसी वजह से प्रभाव दिखाकर मृतक के भाई जुगराज के कब्जे की सरकारी जमीन पर आरोपी पक्ष कब्जा करना चाहता था। पुलिस का मानना है पांचों ने पहले योजना बनाई। इसके बाद मौके पर दबंगई दिखाकर कब्जा लेने पहुंचे थे। विरोध होने पर प्रेमसिंह पर गोली चला दी।
- पैमाइश पर आपत्ति दाखिल कर सकते थे आरोपी
जमीन विवाद में पहले प्रेम सिंह परिवार का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। हदबंदी पैमाईश कैलाश और आरोपी पक्ष के संजय के बीच मुकदमे पर हुई थी। पैमाइश के दौरान राजस्व टीम अकेले ही मौके पर पहुंची थी। इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एसडीएम अवधेश निगम ने बताया कि हदबंदी की पैमाइश पर हत्यारोपी पक्ष को कोई समस्या थी तो वह कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर सकते थे। आपत्ति दाखिल किए जाने पर हदबंदी निरस्त कर दी जाती।