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Fatehpur News: कल्पना की शादी में अनुज के परिवार ने किया था आर्थिक सहयोग

Thu, 01 Jun 2023 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
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फोटो 29::::घटना के बाद ग्रामीणों से जानकारी करते एसएसपी संजय कुमार वर्मा।
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फोटो 32::::घटनास्थल पर जांच करती फोरेंसिक टीम व पुलिस। संवाद
एक ही बिरादरी और पड़ोसी होने के नाते दोनों परिवार एक-दूसरे के साथ हमेशा रहते थे खड़े
परिजनों का लगा धक्का, अनुज के पिता बोले- सभी दोनों के बीच समझते थे भाई-बहना का रिश्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बकेवर। लवेदी क्षेत्र के जंगल में युवक और नवविवाहिता का शव पड़ा मिलने के बाद दो परिवारों के कई सालों के गहरे संबंधों को भी ठेस पहुंची है। एक ही बिरादरी और गांव में पड़ोसी होने की वजह से दोनों परिवार एक दूसरे के लिए हमेशा खड़े रहते थे। बुधवार को युवक और नवविवाहिता के बीच प्रेम प्रसंग का मामला प्रकाश में आने के बाद परिवार के लोगों को धक्का लगा है।
मृतक अनुज के पिता सुभाष ने बताया कि मृतका कल्पना की चार मई को हुई शादी में उनके परिवार ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। शादी में आर्थिक सहयोग भी किया था। उनके परिवार को यह भनक भी नहीं लग पाई थी कि दोनों बच्चों के बीच प्रेम प्रसंग जैसा कुछ चल रहा है। घर और गांव वालों के सामने दोनों बीच भाई-बहन का रिश्ता ही सभी जानते थे।
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बताया कि उनके बेटा अनुज हैदराबाद के रायचोपरा में ट्रैवल एजेंसी में नौकरी करता था। उसी के साथ कल्पना का भाई सतीश भी नौकरी करता था। जब कल्पना की शादी 4 मई को निर्धारित हुई उसके एक महिने पहले ही अनुज गांव आ गया था और शादी की तैयारियों में जुट गया था। अनुज ने कल्पना के कच्चे घर को पक्का बनवाने में आर्थिक सहयोग किया था। 25 मई की दोपहर तीन बजे दोनों भागवत कथा में जाने के लिए निकले थे और कोई नहीं जानता था कि दोनों के दिमाग में क्या चल रहा है।
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शवों के पास से हुई बरामदगी
पुलिस के शवों के उतारने के बाद तलाशी ली गई तो मृतक युवक की जेब से पर्स मिला। इसमें अनुज का आधार कार्ड बरामद हुआ। आधार कार्ड के अलावा पर्स से युवती के कुछ जेवर कानों के कुंडल मंगल सूत्र भी बरामद हुए हैं।

22 को ससुराल से लौटी थी कल्पना
कल्पना चार मई को शादी होने के बाद 22 मई को अपनी ससुराल जालौन से मायके मड़ैया दिलीप नगर पहुंची थी। वहीं अनुज तब तक हैदराबाद अपने काम पर नहीं लौटा। दोनों गांव की ही एक भागवत में शामिल होने जाने की बात कहकर चले गए थे और फिर लौटे नहीं थे।
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चारपाइयों पर लादकर बीहड़ से बाहर लाए गए शव
सारंगपुरा गांव के बीहड़ में पेड़ों से लटके मिले प्रेमी युगलों के शवों को बीहड़ से बाहर गांव लाने लाने में पुलिस को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बीहड़ से बाहर लाने के लिए पुलिस ने गांव से दो चारपाई खरीदवाकर मंगाई। उन दोनों चारपाइयों पर शवों को लादकर कई ग्रामीणों के सहयोग से लादकर बाहर लाया गया और फिर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
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