- इन दवाओं के अधिक इस्तेमाल से घटती है प्रतिरोधक क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। अधिक मात्रा में एंटीबायटिक दवाओं के इस्तेमाल से बचने के लिए शासन ने एडवाइजरी जारी की है। अधिक एंटीबायटिक दवाओं के इस्तेमाल से लोगों में प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और दोबारा इन दवाओं का इस्तेमाल बेअसर हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, जिले भर में हर रोज एक करोड़ से अधिक की एंटीबायटिक दवाओं की बिक्री होती है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसके सिंह का कहना है कि प्राय: अकुशल डाॅक्टर मरीज को एंटीबायटिक दवाओं की दो खुराक देकर बंद कर देते हैं। आराम मिलने के बाद बंद कर देते हैं। यह रोगी के हित में कतई नहीं है। इससे संबंधित एंटीबायटिक दोबारा उस रोगी को कारगर नहीं होती। एंटीबायटिक का इस्तेमाल सही मात्रा और निर्धारित अवधि तक रोगी को करना चाहिए। किसी भी संक्रमित रोगी को ठीक होने तक एंटीबायटिक का उपयोग कतई गलत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की शिकायत होने पर कुशल डाॅक्टर से परामर्श लेकर दवा का इस्तेमाल करें।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि एंटीबायटिक का दुरुपयोग वही डाॅक्टर करते हैं, जिनके स्वयं के मेडिकल स्टोर संचालित हैं। देखा यह जा रहा है कि रोगी को एक ही बीमारी पर दो या तीन तक एंटीबायटिक लिखी जा रही हैं, जो रोगी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालकों से डाॅक्टर की पर्ची पर दवाओं की बिक्री करने की अपील की। बताया कि जिले भर में हर रोज एक करोड़ से अधिक एंटीबायटिक दवाओं की बिक्री हो रही है।