संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। भाजपा ने 10 निकायों में 5 पर कब्जा जमाया है। ये भाजपा का बेहतर परफार्मेंस है। लेकिन सबसे ज्यादा सुखद परिणाम भाजपा के लिए बिंदकी का रहा। करीब दस साल बाद निकाय चुनाव में भाजपा ने यहॉ जीत हासिल की। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाली बिंदकी की सत्ता उसके हाथों से 10 सालों तक दूर रही।
सन् 2000 में भाजपा से राजनारायन ने ऐतिहासिक जीती दर्ज की। इसके बाद साल 2006 में निकाय के चुनाव हुए। इसमें भाजपा की निर्मला गुप्ता ने जीत का सिलसिला जारी रखा। ऐसे माने जाने लगा था कि बिंदकी अब भाजपा का गढ़ हो गया है। लेकिन इन सभी कयासों को सन 2012 के नगरीय निकाय चुनाव ने विराम लगा दिया। बिंदकी की सीट पिछड़ा वर्ग महिला घोषित हुई। भाजपा ने अपना उम्मीदवार राधा साहू को बनाया। इस चुनाव में भाजपा को हार का कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा ने साल 2017 में गंगाराम सोनकर को टिकट देकर जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन सपा के मुन्नालाल सोनकर ने जीत दर्ज की। मुन्नालाल सोनकर ने चेयरमैनी के अंतिम कार्यकाल में सपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। नगरीय निकाय चुनाव 2023 में भाजपा ने राधा साहू को दोबारा प्रत्याशी बनाकर उतारा और अपनी 10 साल से बिछड़ी सीट पर कब्जा जमा लिया। इससे भाजपा लबरेज है।
राजनीति में दोहराया इतिहास
साल 2012 में बिंदकी चेयरमैन की सीट पिछड़ा महिला वर्ग के लिए आरक्षित थी। इस पर भाजपा ने राधा साहू को टिकट दिया था। दस साल बाद दोबारा पिछड़ा महिला वर्ग सीट आरक्षित हुई। भाजपा ने फिर राधा साहू पर विश्वास जताया और विजय हासिल की।