प्रेमनगर। कस्बे के रतनसेनपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को भागवताचार्य अनुराग पांडेय ने नारद मुनि के पूर्व जन्म के कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक साधारण दासी पुत्र नारद ने संतों की सेवा और उनके उच्छिष्ट भोजन के सेवन से ज्ञान प्राप्त किया। यह प्रसंग हमें यह संदेश देता है, कि भक्ति और सत्संग के माध्यम से मनुष्य जीवन को सार्थक बना सकता है। उन्होंने भगवान के चौबीस अवतारों में से मुख्य दो अवतारों का विस्तृत वर्णन किया। भगवान के विभिन्न स्वरूपों और उनके लीलाओं का बखान करते हुए भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। नशानाश का दूजा नाम, तन मन धन का होवे नाश पंक्तियों के माध्यम से नशामुक्त जीवन जीने का संदेश दिया। इस मौके पर यजमान रिटायर्ड ब्लैक कैट कमांडो वीरेंद्र पांडेय, सोनू मोदन वाल, रवि कुमार, केशव, रवि सोनी आदि मौजूद रहे।