फतेहपुर जिले के औंग में मंदिर से पूजा के बाद घर लौट रही बीए की छात्रा की रेलवे ट्रैक पार करते समय रविवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। छात्रा ट्रेन के इंजन में फंसकर करीब 500 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
औंग थाना क्षेत्र के गुधरौली गांव निवासी राजकुमार सिंह उर्फ कल्लू की बेटी सोनम सिंह (19) गोधनदेव बाबा शिवमंदिर में पूजा करने आई थी। घर लौटते समय रेलवे ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गई। ट्रेन के इंजन में फंसकर सोनम आधा किलोमीटर तक घिसटती चली गई। छात्रा को फंसा देखकर लोको पायलट ने ट्रेन रोकी और सूचना बिंदकी स्टेशन मास्टर को दी। गैंगमैन बंसलाल ने सोनम के शव को इंजन से बाहर निकाला। धान की रोपाई कर रही महिलाओं ने घटना देख फोन से परिजनों को जानकारी दी।
प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं के मुताबिक डाउन लाइन पर मालगाड़ी प्रयागराज की ओर जा रही थी। तभी सोनम गाड़ी की चपेट में आ गई। मृतका सोनम सिंह जेडी सिंह महाविद्यालय दुर्गागंज में बीए फाइनल की छात्रा थी।
बेटी की मौत से माता मंजू, छोटे भाई विकास उर्फ लालू का रो-रो कर हाल बेहाल दिखा। प्रभारी निरीक्षक जयचंद्र भारती ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सोनम की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची परिजनों में कोहराम मच गया। पिता राजकुमार के पैर तो सीधे घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। वहीं मां मंजू बदहवास होकर चीख पड़ी, कहां चली गई लाडो, वह तो मंदिर के लिए घर से निकली थी।
आसपास की महिलाओं ने मंजू को बड़ी मुश्किल से संभाला। ग्रामीणों ने बताया कि मंजू प़ढ़ने में काफी तेज थी। मंजू का छोटा भाई विकास भी बार-बार दीदी का नाम लेकर चीख रहा था। परिजनों की हालत देख पड़ोस की महिलाएं भी अपने आंसू रोक न पाईं।
गोधरौली गांव के दक्षिण रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर गोधन देव बाबा का आश्रम है। शिव मंदिर में सावन माह में श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रतिदिन आते-जाते हैं। रेलवे फाटक बंद होने पर अंडरपास से ही आवाजाही होती है। बारिश से अंडरपास में पानी भरा है। इसी वजह से श्रद्धालु पुराने बंद फाटक के पास से ट्रैक पार कर आते-जाते हैं। अंडरपास में पानी भरा नहीं होता तो शायद हादसा नहीं होता।