फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदलते मौसम के साथ संक्रमण का बढ़ता खतरा

Sat, 29 Nov 2014 05:30 AM IST
Fatehpur
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। मौसम के बदलाव के साथ बीमारियों का शिकंजा कसने लगा है। स्वास्थ्य केंद्रों में नाक, कान व गला के रोगियों के साथ हफ्ते भर से कोल्ड डायरिया ग्रसित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है मौसम की शुरूआत और आखिरी वक्त में एहतियात बरतने की जरूरत है क्योंकि यहीं दौर संक्रमण का होता है। खासकर बच्चे और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से थोड़ी सी अनदेखी सेहत पर भारी पड़ सकती है। मौसमी की पल्टी के साथ सर्दी असर दिखाने लगी है। इसी के साथ मौसमी बीमारियों का दौर भी चालू हो चुका है। सदर अस्पताल मेें मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। नाक, कान व गला के साथ इधर हफ्ता भर से कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। फिलहाल कोल्ड डायरिया पीड़ित मरीजों की संख्या जिले के सबसे बड़े अस्पताल में आने वाली मरीजों की संख्या का 10 से 12 फीसदी है। कमोबेश यही स्थिति पीएचसी व सीएचसी के अलावा गैर सरकारी अस्पतालों की है। कोल्ड डायरिया के रोगी सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में आर्थिक स्थिति को देखते हुए इलाज करा रहे हैं। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. केके पांडेय कहते हैं। मौसमी बीमारियों से बचने के लिए शुरुआत और आखिरी में ज्यादा चौकन्ना रहने की दरकार है। मौसम के बदलाव के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कोल्ड डायरिया के लक्षण महसूस होने पर तत्काल चिकित्सीय परामर्श लिया जाए।
विज्ञापन


कोल्ड डायरिया के लक्षण-
1- लूज मोशन का होना
2- उल्टी शुरू हो जाना
3- संास लेने में दिक्कत होना
4- खांसी के साथ बलगम आना
5- सिर में दर्द बना रहना
7- जी का मचलाना
8- पेट में मरोड़ होना
9- कंपकंपी लगना
10- हल्का बुखार होना

कैसे करें बचाव-
1- गुनगुने पानी के साथ ओआरएस का घोल लें
2- नाक, कान, गला और सिर ढक कर रखा जाए
3- तरल खाद्य पदार्थों(पतली दाल और खिचड़ी) का सेवन करें
4- उबला हुआ पानी ठंडा करके पीएं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें