फतेहपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी महंगाई और जमाखोरी रोकने के लिए कारगर कदम उठाने की मांग की है। गुरुवार को भाकपा कार्यकर्ताओं ने कचहरी में प्रदर्शन करके केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर जहर उगला। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछली सरकार के भ्रष्टाचार और महंगाई का मुद्दा उठाकर भाजपा केंद्र में सत्तारूढ़ हुई है, लेकिन पांच महीने के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे मंहगाई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता दिखाई पड़ रहा हो। भाकपा ने जमाखोरी रोकने के साथ जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने, फल, सब्जी, अनाज एवं अन्य जरूरी वस्तुओं के वायदा कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुरुस्त करते हुए गरीबों को 35 किलो अनाज रुपए किलो की दर से मुहैया कराया जाए। विदेशों में जमा काला धन वापस मंगाया जाए। मनरेगा को कमजोर या समाप्त करने की सरकार की कोशिशों पर विराम लगाया जाए। किसानों को 10 हजार रुपये प्रति बीघे की दर से सूखे का मुआवजा दिया जाए। किसानों के सभी कर्जे व राजस्व माफ किया जाए। किसोनों को सरल प्रक्रिया के तहत ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाए। सभी नहरों में टेल तक पानी छोड़ा जाए। ज्ञापन देने वालों में जिला सचिव रामसजीवन, फूलचंद्र, छोटेलाल, पूरनलाल, सुमेर सिंह, शांती देवी, लेखपाल निंषाद, उदय प्रताप सिंह आदि प्रमुख हैं।