हुसैनगंज। अविरल गंगा निर्मल गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पालीथिन का त्याग करना बेहद जरूरी है। विश्व पर्यावरण दिवस पर मां गंगा को अविरल निर्मल बनाने के लिए संकल्प लेना होगा कि पालीथिन का उपयोग नहीं करेंगे। भिटौरा गंगाघाट में शव का जल प्रवाह किया जाता है। यहां पर पालीथिन आदि गंदगी लोग फेंक कर चले जाते हैं जिससे गंगा का पानी प्रदूषित हो रहा है। यही नहीं नदी में रहने वाले जीव जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं। अब भी न चेते तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। हालांकि शवों का अग्निदाह करने के भी इंतजाम भिटौरा में हैं। गंगा नदी को अविरल निर्मल बनाने के लिए उसे प्रदूषण मुक्त रखना होगा। इसके लिए जरूरी है कि पालीथिन, बैग आदि गंगा घाटों में न डाले जाएं। स्वामी विज्ञानानंद कहते हैं कि लोगों में जन चेतना जागृत करने की जरूरत है। गंगा नदी को अविरल निर्मल बनाने के लिए जनता का सहयोग तो मिल रहा है लेकिन प्रशासन का पूरा सहयोग नहीं प्राप्त हो रहा है। जिले में गंगा नदी को निर्मल रखने के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है जो आने वाले समय में भी जारी रहेगा।