फतेहपुर। उ.प्र. सहकारी कताई मिल लिमिटेड के मजदूरों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में बकाएदारी के लिए आवाज बुलंद की। कहा कि शासन स्तर से देनदारियों को दिलाने में तेजी लाई जाए। जिसके अभाव में उनके परिवार का सही तरीके से पालन पोषण नहीं हो रहा है। कई मजदूर उधारी से काम चलाने को मजबूर है। ऐसे में अगर और देरी हुई तो तमाम मजदूरों के परिवार भुखमरी को मजबूर हो जाएंगे। आल इंडिया टेक्सटाइल मजदूर जनता यूनियन के 28 मार्च 2014 के आह्वान को लेकर हाकिम की चौखट में आए मजूदरों ने हुंकार भरी। मजदूर नेताओं ने कहा कि फतेहपुर कताई मिल के लगभग 2000 मजदूरों को वर्ष 2010 से औ. वि. अधिनियक 1947 की धारा 6 डब्लू का उलंघन करके मिल को गैर कानूनी ढंग से बंद कर दिया गया। मजदूरों की छंटनी मुआवजा नहीं दिया गया। तीन महीने का नोटिस पे का भुगतान नहीं किया गया। 20 प्रतिशत वेतन कटौती का भुगतान नहीं हो सका है। फंड का काटा गया पैसा ब्याज सहित भुगतान नही किया गया। मिल मजदूरों ने उपरोक्त मांगों को लेकर विरोध की आवाज बुलंद करते हुए मांगें पूरी किए जाने की मांग की। साथ ही मिल प्रबंधकों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजे जाने की मांग की। चेताया कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो 21 जुलाई से दिल्ली के जंतर-मंतर में आत्मदाह जैसे अस्त्र का सहारा लिया जाएगा। इस दौरान जय सिंह, वीरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, जसवंत सिंह, रामजी गुप्ता, केके शुक्ला समेत बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।