खागा। ट्रैक्टरों के अप्रशिक्षित चालकों की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। आरटीओ और पुलिस विभाग चालकों के ड्राइविंग लाइसेंसो की कभी चेकिंग नहीं करते हैं। जिससे 99 फीसदी ट्रैक्टर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हैं। बगैर लाइसेंस के ट्रैक्टर चालक बेखौफ ट्रैक्टर चलाते है। अप्रशिक्षित चालकों की लापरवाही से ज्यादातर दुर्घटनाएं ट्रैक्टर से होती हैं। हर चौराहे पर पिकेट पर लगी पुलिस मूक बनी रहती है। यमुना नदी के घाटों से प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक ट्रैक्टर मौरंग की ढुलाई करते हैं। जिनका न तो भाड़ा ढुलाई का परमिट है और न ही ट्रैक्टर चालकों को पास ड्राइविंग लाइसेंस है। मगर फिर भी बेरोक टोक ट्रैक्टर फर्राटा भरते हैं। ट्रैक्टर चालक 300 वर्ग फिट मौरंग ट्राला में लाद कर बेहिचक चलते हैं। ओवर लोडिंग होने से ट्रैक्टर को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं। चालकों के अप्रशिक्षित होने से इंडीकेटर, पार्किंग, डिपर और हार्न के प्रयोग का ज्ञान नहीं है। इसलिए आए दिन अप्रशिक्षित ट्रैक्टर चालकों से कोई न कोई एक्सीडेंट होते रहते हैं। पिकेट ड्यूटी पर लगी पुलिस ड्यूटी न कर इन ओवर लोड ट्रैक्टर चालकों से वसूली करने में जुटी रहती है। सीओ विजयेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि अभियान चलाकर ट्रैक्टरों के रजिस्ट्रेशन के कागज और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरीक्षण किया जाएगा।