फतेहपुर। संविदा पर काम कर रहीं एएनएम के नियमितीकरण की प्रक्रिया में प्रभारी चिकित्साधिकारियों की बल्ले-बल्ले है। ऐसे चिकित्सक आख्या लगाने के नाम पर रकम वसूल रह रहे हैं। जिन कर्मियों से सुविधा शुल्क नहीं मिल रहा है। उनकी फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया अटकी हुई है। बता दें कि 90 के दशक में ज्वाइन करने वाली एएनएम का नियमितीकरण हो चुका है। लेकिन उसी समय की कुछ कर्मचारी छूट गईं। जिनके नियमितीकरण को शासन से हरीझंडी मिल चुकी है। इसके लिए शासन ने संबंधित कर्मचारियों की आख्या मांगी है। जिसमें कार्यक्षमता, आचरण एवं सर्विस रिकार्ड के अन्य बिंदु शामिल है। जिले में ऐसी करीब दो दर्जन एएनएम हैं। जिन्हें नियमितीकरण का लाभ मिलने की संभावना है। नाम न छापने की शर्त पर एक ऐसी ही महिला कर्मचारी ने बताया कि चिकित्सा प्रभारी सुविधा शुल्क मांग रहे हैं। एएनएम ने बताया कि अलग-अलग चिकित्साकेन्द्र के अंतरगत कार्यरत अन्य एएनएम को भी ऐसी ही मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। जिनकी आख्या नहीं भेजी जा रही। इस बाबत प्रभारी सीएमओ ने अनभिज्ञता जाहिर की।