खखरेरू/ खागा। थाना क्षेत्र के गांव कोट में करीब 23 वर्ष पूर्व में कानपुर स्थित अपने घर से भागा एक युवक अधेड़ावस्था में परिजनों को पुलिस के सहयोग से मिल गया। परिजन उसे घर ले आए हैं। कानपुर के यशोदानगर निवासी शिवलाल का 22 वर्षीय पुत्र रामकिशुन 23 साल पहले घर से नाराज हो कर भाग गया था। घूमते फिरते कोट गांव जा पहुंचा और उमेश के यहां रहने लगा। यहां पर रहकर 23 साल गुजार दिए, लेकिनकिसी को अपने व परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। किसी काम से गांव आए रामकिशुन के भाई बालकृष्ण व बब्बन ने बताया कि रामकिशुन शादी के तीन माह बाद पत्नी से झगड़ा करके घर से लापता हो गए थे। गुमशुदगी यशोदानगर थाने में दर्ज कराई गई थी। लोगों ने बताया हमारे दूर के रिश्तेदार एक सप्ताह पूर्व कोट गांव अपने रिश्तेदारी में आए थे, जो भाई रामकिशुन के बारे में सूचना दी थी। सूचना पर हम लोग गांव आए तो अपने संरक्षण में रखने वाले उमेश ने भाई को देने से इनकार कर दिया। इसके बाद थाने में जाकर सूचना दी गई। थानेदार मनीष पंाडेय ने मौके पर जाकर उमेश के चंगुल से मुक्त करा कर परिजनों को साैंप दिया। 23 साल बाद भाई को पाकर परिजनों के आंखाें में खुशी के आंसू बहने लगे।