फतेहपुर। जिला पंचायत की सियासत में हुए चंद दिन पहले बदलाव के बाद इसमें एक दूसरे को पटकनी देने का वार चालू हो गया है। जिला पंचायत की अध्यक्षी हासिल करने से चूके सपा के प्रत्याशी अनूप यादव खेमा का नवनिर्वाचित अध्यक्ष पर सत्तरह करोड़ में होने वाले विकास कार्य न कराए जाने के लिए टेंडर निरस्त कराने की कोशिशों का आरोप है। जबकि नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने टेंडर प्रक्रिया को विवादित करार देते हुए बकायदा इसे रोके जाने को अपर मुख्य अधिकारी को पत्राचार किया है। बुधवार को जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह, मंजू द्विवेदी, लक्ष्मी सिंह आदि ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कहा कि 11 जनवरी को पड़ने वाले टेंडर बगैर किसी ठोस आधार के कैंसिल कर दिए गए थे जिसकी प्रक्रिया को आगे खिसका कर 24 जनवरी कर दिया गया है। लेकिन इस प्रक्रिया पर भी नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोड़ा बनकर सत्रह करोड़ के विकास कार्य पर पानी फेरने चाहते है। अगर 31 मार्च तक पैसा खर्च नहीं हो पाया तो यह धनराशि लौट जाएगी। साफ कहा अगर टेंडर प्रक्रिया फिर निरस्त हुई तो उच्च न्यायालय की शरण में जाकर न्याय मांगा जाएगा। उधर नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश यादव ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को पत्राचार किया है। जिसमें कहा गया है 11 जनवरी को होने वाली टेंडर प्रक्रिया सीडीओ स्तर से रोकी गई थी। जो आगे बढ़ाकर 24 जनवरी कर दी गई है। ऐसे में यह प्रक्रिया विवादित है। ऐसे में टेंडर निरस्त कराया जाना जरूरी है।