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पुलिस बल पर ग्रामीणों ने किया पथराव

Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
Fatehpur
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धाता। धाता थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात बदमाशों के घुस आने के अंदेशे से ग्रामीणों ने गोलियां दागनी शुरू कर दी। मौके पर पुलिस पहुंची ने जब ग्रामीणों को फायरिंग से मना किया तो ग्रामीण आपे से बाहर हो गए और पुलिस पार्टी पर पथराव कर दिया। इस दौरान एक पुलिस कर्मी घायल हो गया जिसे पहले तो स्थानीय अस्पताल में भरती कराया गया , जहां से सिपाही की हालत गंभीर होने पर सदर अस्पताल के लिए रेफर किया गया। थाना पुलिस ने तीन लोगों सहित पचास के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटनाक्रम के मुताबिक शुक्रवार की देर रात धाता थाना क्षेत्र का एक पुलिस कर्मी गांव में गश्त कर रहा था। इसी बीच गांव वालों को आहट लगी कि गांव में डकैत घुस आए हैं। इसी दौरान ग्रामीणों ने अपने अपने घरों से बंदूकें निकाल कर हवाई फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर गश्ती पुलिस कर्मी ने थाने फोन किया। सूचना पर थाने से पुलिस बल पहुंच गया। गांव वालों को लगा कि काफी संख्या में डकैत पहुंच गए तो और बंदूकें निकल आई और जबरदस्त फायरिंग शुरू हो गई। मामले की सूचना पर एसओ धाता मौके पर पहुंचे तब जाकर फायरिंग रुकी। एसओ ने समस्त ग्रामीणों को गांव निवासी प्रताप कुम्हार और राधेश्याम के दरवाजे के पर बुलाया और बेवजह परेशान करने के लिए फटकारा। इसी बात पर ग्रामीणों से एसओ की कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ने लगा और ग्रामीणों ने सिपाहियों पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव देख जब सिपाही भागे, तभी एक पत्थर सिपाही कृपाशंकर मिश्र के सिर पर लग गया और उन्हें गंभीर चोटें आ गई। आनन-फानन में पुलिस कर्मियों ने कृपा शंकर को सीएचसी पहुंचाया जहां डाक्टरों ने घायल सिपाही को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। प्रकरण पर जब गांव वालों से बातचीत की गई तो उनका आरोप था कि जब गांव में डकैत आते हैं तो ग्रामीण अलर्ट होकर फायरिंग करना शुरू कर देते हैं। इसी बीच पुलिस सायरन बजाते हुए गांव पहुंचती है और डकैतों को भगा देती है। हालांकि इस प्रकरण पर एसओ का कहना है कि गश्ती के समय सायरन बजाना अनिवार्य है। गांव में डकैतों के घुसने की बात फर्जी है।
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