फोटो-10-ओलावृष्टि में नष्ट हुई चना की फसल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर(अमौली)। होली पर हर घर में चने की खास मांग रहती है। हर मुहल्ले और खेतों में महिलाएं व पुरुष होला भूनकर मसाले वाले नमक और भरवा मिर्च के साथ खाते हैं, लेकिन इस बार 20 दिन पहले हुई ओलावृष्टि में 80 फीसदी चना की फसल बर्बाद हो गई।
कस्बे के बिजौली, कौंह, भगौनापुर, देवचली, पारा धनई, पहाड़ीपुर, गौरा, बबई सहित कई गावों में लाही, सरसों के साथ चने की फसल भी चौपट हो गई है। इससे लोगों को होला नसीब नहीं हो रहा है। करीब 20 प्रतिशत चना ही बचा है, उसे लोग पूरी तरह निगरानी कर रहे हैं।
बिजौली के भूरा, विजय बहादुर, अखलेश ने बताया कि लगभग 90 बीघा चना की फसल थी, जो बेकार हो चुकी है। कौंह के सोमू पांडे, बैजू शुक्ला, ब्रम्हदत्त तिवारी ने बताया कि गांव में 100 बीघे से ज्यादा चने की फसल तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि में फसल नष्ट हो गई। बबई के सुशील का कहना है कि दो बीघे में 20-25 किलो चना मिलने की उम्मीद थी, अब वह भी उम्मीद नहीं बची।
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