फतेहपुर। मौरंग कारोबार में साझीदार बनाने का झांसा देकर एक फर्म के मालिक ने 48 लाख रुपये धोखाधड़ी कर हड़प लिए। आईजी के आदेश पर खखरेरू पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के रक्षपालपुर निवासी विद्याकांत सिंह कालेज प्रबंधक और नर्सिंग होम संचालक हैं। उनके बेटे विकास सिंह की ओर आईजी प्रयागराज से शिकायत की गई थी कि प्रयागराज धूमनगंज राजरूपपुर निवासी ईश्वरी प्रसाद मौरंग कारोबारी हैं। उनकी आकर्ष अर्षिता इंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। ईश्वरी प्रसाद गाजीपुर जिले के युवराजपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने पिता विद्याकांत से 2017 में मौरंग कारोबार में साझेदार बनाने का झांसा दिया।
कौशांबी जिले के सिराथू तहसील में साझेदारी की 2017 में एक डीड तैयार हुई। डीड में पिता और अन्य साझेदार शामिल हुए। मौरंग घाट में 20 प्रतिशत का हिस्सेदार पिता को बनाया। कारोबार चालू करने के लिए उनके हिस्से में आने वाले 48 लाख रुपये ईश्वरी प्रसाद ने मांग की। पिता ने ईश्वरी प्रसाद के स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते से और कुछ रकम नकद दी। मौरंग का पट्टा तकनीकी खामियों के कारण नहीं हो सका।
पट्टा न होने पर रकम वापस मांगी गई। तभी ईश्वरी प्रसाद टरकाने लगे। कई साल बीत गए। अब गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देकर रुपये देने से इन्कार कर दिया है। थाने और एसपी से शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर विकास सिंह आईजी प्रयागराज कार्यालय पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।