फतेहपुर। मौरंग कारोबारी समेत चार के खिलाफ तीन करोड़ 52 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। नामी कंपनियों का फर्जी वर्कआर्डर दिखाकर रकम का गबन किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के अमरजई मोहल्ला निवासी राम प्रकाश सिंह ठेकेदारी करते हैं। एमआईजी आवास विकास निवासी जय कुमार सिंह उर्फ लाला सिंह और पत्नी मंजू सिंह, राधानगर उपकेंद्र के पास रहने वाले अंशू सिंह के परिचित हैं। इनके साथी कानपुर किदवई नगर वाई ब्लॉक निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान से भी जान पहचान है। इन लोगों ने उन्हें बताया कि जेकेएस माइनिंग फर्म बनाई है। फर्म में माइनिंग, ट्रांसपोर्ट का काम है। कंपनी का सरकारी टेंडर भी है। उसे जीएमआर, एपको इंफ्राटेक जैसी बड़ी कंपनियों का 30 करोड़ का वर्क ऑर्डर दिखाया। वर्क आर्डर में निवेशकों की जरूरत बताई। निवेश धन को तीन साल में वापस और मुनाफे का 25 प्रतिशत हिस्सा देने की बात कही। उन्होंने अपनी फर्म शारदा कंस्ट्रक्शन कंपनी के खाते से जेकेएस माइनिंग सर्विस फर्म के संचालकों जयकुमार सिंह, मंजू सिंह, अंशू सिंह और सुरेंद्र सिंह के खातों में 2018 में कुल तीन करोड़ 57 लाख रुपये डलवाए। समय पूरा होने पर रुपये मांगे। रुपये मांगने पर सुरेंद्र सिंह ने जान से मारने की धमकी दी।
तब धोखाधड़ी का शिकार होने का पता लगा। कई बार आरजू मिन्नत के बाद पांच लाख रुपये जेकेएस माइनिंग के खाते से शारदा कंस्ट्रक्शन के खाते में डाले। बाकी रकम तीन करोड़ 52 लाख देने के लिए टरकाते रहे। कंपनी से रुपये मिलने पर भुगतान की बात कही। हेराफेरी का शक होने पर जीएमआर और एपको कार्यालय से संपर्क किया। तभी पता लगा कि फर्जी वर्क ऑर्डर दिखाकर उससे धोखाधड़ी की गई है। कंपनी ने इनके नाम वर्क आर्डर ही जारी नहीं किया। इनके खिलाफ दूसरे जिलों में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।