फोटो-24- अल्लीपुर स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग। संवाद
खास खबर
मेडिकल कॉलेज का 30 प्रतिशत काम अधूरा
- दो साल में महज 25 से 30 प्रतिशत ही कर सके काम
- बिल्डिंग अधूरी, लाइटिंग और फिनिशिन में लगेंगे कई महीने
- डिप्टी सीएम से 30 जून की मिल चुकी है डेड लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर/अल्लीपुर। मेडिकल कॉलेज का निर्माण दो साल में पूरा होना था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। निर्माण शुरू होने के दो साल में 50 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया, लेकिन अगले दो साल में महज 25 से 30 प्रतिशत काम ही किया जा सका। अभी भी 30 से 35 प्रतिशत काम अधूरा है। ऐसे में 30 जून की डेडलाइन में भी निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना कम ही है। कंस्ट्रक्शन की लेटलतीफी से जिलेवासियों को बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने में देरी हो रही है।
जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए मेडिकल कॉलेज की घोषणा चार साल पहले की गई। तेलियानी ब्लाक अंतर्गत अल्लीपुर स्थित अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण कार्य 8 मार्च 2019 से शुरू हुआ। इसका निर्माण 7 मार्च 2021 तक पूरा करना था। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य 30 प्रतिशत अधूरा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जिले दौरा के दौरान मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था और धीमी गति से कार्य के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस व कांट्रैक्टर जीएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से नाराजगी जताई थी।
कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 30 जून 2023 तक निर्माण पूरा करने का समय मांगा है। इस समय सीमा के भीतर इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग का एकेडमिक भवन, एडमिन भवन और लेक्चर भवन का लगभग 15 प्रतिशत काम पूरा करना है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज की मेन बिल्डिंग में भी लगभग 35 परसेंट कार्य करना बाकी है। नर्स हॉस्टल में 20 प्रतिशत और ब्वॉयज हॉस्टल में 30 प्रतिशत कार्य अधूरा है। वहीं ऑडिटोरियम हाल में अभी भी लगभग 35 प्रतिशत कार्य करना बाकी है। ये सभी काम डेडलाइन में पूरा करना आसान नहीं है। वहीं कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हमने जो समय दिया है। उसमें लगातार कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जून तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
समय पर भुगतान, फिर भी देरी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आरपी सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था को समय से भुगतान किया जा रहा है । लगभग 214 करोड़ के सापेक्ष 196 करोड़ रुपये का भुगतान कार्यदायी संस्था को किया जा चुका है। इसी लागत में उपकरण व फर्नीचर का फंड 29 करोड़ रुपये भी शामिल है। कुल लागत का पांच प्रतिशत भुगतान निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बिल्डिंग हैंडओवर होते ही तत्काल कर दिया जाएगा। लेकिन निर्माण कार्य में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कार्यदायी संस्था व कांट्रैक्टर को लगातार कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वे चेतावनी के बाद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं ला रहे हैं।
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इनसेट
कॉलेज में खर्च, समय-सीमा और सुविधा
- 2 अरब 14 करोड़ 2 लाख 52 हजार कुल लागत
- 1 अरब 96 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को प्राप्त
- 5 प्रतिशत राशि हैंडओवर के बाद मिलेगी
- 29 करोड़ उपकरण और फर्नीचर के लिए आवंटित
- 8 मार्च 2019 से काम शुरू
- 7 मार्च 2021 में पूरा करना था काम
- 30 जून 2023 मिली है डेडलाइन
- 300 बेड की क्षमता का होगा मेडिकल कॉलेज
- 600 क्षमता का होगा ऑडोटोरियम
इनसेट
ये काम अभी हैं अधूरे
मेडिकल कॉलेज के इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग 3 पार्ट में है। नंबर 1 एकेडमिक भवन, नंबर दो एडमिन भवन और नंबर तीन लेक्चर भवन है। इन तीनों का लगभग 15 प्रतिशत काम अधूरा है। मेडिकल कॉलेज की मेन बिल्डिंग में भी लगभग 35 प्रतिशत कार्य अधूरा है। नर्स हॉस्टल में 20 और ब्वॉयज हॉस्टल में 30 प्रतिशत काम बाकी है। 600 की क्षमता वाला ऑडिटोरियम हाल में 35 प्रतिशत कार्य करना है।