फतेहपुर। जिले में किसानों के खेतों को सिंचित करने के लिए 511 नलकूप हैं। विभागीय आकड़ों में 18 नलकूपों में तकनीकी व बिजली की कमी से बंद है, जबकि क्षेत्र के 40 से अधिक नलकूप खराब हैं. नलकूपों से पानी न मिलने से चंदापुर, गढ़ा, मैनापर, रारी, अहमदगंज, बहुआ क्षेत्र व गाजीपुर क्षेत्र के किसान धान की सिंचाई के लिए परेशान हैं। बंद नलकूपों के बाद 493 का संचालन 135 ऑपरेटरों से हो रहा है। एक ऑपरेटर के ऊपर 10 नलकूप चलाने की जिम्मेदारी है। ऑपरेटरों की कमी के कारण कुछ नलकूप महीने भर से नहीं चल रहे हैं। नलकूप चालू कराने किसान सिंचाई के लिए भागदौड़ करते रहते हैं।
वहीं विभाग के पास नलकूप की मोटर मरम्मत के लिए सिर्फ तीन ही मैकेनिक हैं। इस कारण मोटर की मरम्मत में भी महीनों का समय लगता है। जिले में लगभग 1.63 लाख हेक्टेअर जमीन पर खरीफ की फसल होती है। इसमें 85 हजार हेक्टेयर से अधिक धान की फसल है। इसकी सिंचाई के लिए नहरों के अलावा नलकूपों से व्यवस्था दी गई है। लेकिन दोनों से सिंचाई नहीं होने से धान की फसल खराब होने की कगार पर है।