फोटो-09-मुगल रोड गड्ढों से होकर गुजरते राहगीर। संवाद
फोटो-10-गड्ढे मे फिसलकर गिरने के बाद अपनी बाइक उठाता सवार। संवाद
- मुगल मार्ग का हाल-पांच महीने पहले हुई थी मरम्मत, 23 गड्ढे एक फीट से भी ज्यादा गहरे
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। शहर से बिंदकी संपर्क मार्ग को जोड़ने वाली मुगल मार्ग की हालात बद से बदतर हैं। 10 किलोमीटर के रास्ते में 163 गड्ढे हैं। उनमें से 23 गड्ढे एक फीट से भी ज्यादा गहरे हैं। आए दिन राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। पांच महीने पहले रोड की मरम्मत का काम हुआ था। इसके बाद भी सड़क चलने लायक नहीं बन सकी।
शहर से बिंदकी को जोड़ने वाले मुगल मार्ग पर 24 घंटे वाहनों का आना-जाना रहता है। इस रोड पर महर्षि विद्या मंदिर, कोरई, अस्ते, चौहान नगर, चखेड़ी समेत दर्जन भर से अधिक गांव है, जो शहर से जोड़ने का प्रमुख मार्ग है।
महर्षि विद्या मंदिर से लेकर कुंवरपुर रोड की दूरी 10 किलोमीटर है। यह मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। मार्ग पर गिट्टियां उखड़ी पड़ी हैं। पूरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। कई बार लोग गड्ढों में गिरकर या गिट्टियों में फिसलकर राहगीर चोटिल हो चुके हैं। इसी मार्ग से सुबह से रात तक भारी वाहन भी गुजरते हैं। हाल यह है कि फतेहपुर से बिंदकी आने-जाने वाले लोगों ने मुगल रोड छोड़कर हाईवे का लंबा रास्ता अपनाना शुरू कर दिया है।
- कम दूरी होने अपनाते हैं रास्ता
फतेहपुर से बिंदकी मुगलमार्ग से जाने पर लगभग 22 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। वहीं, हाईवे से ये रास्ता 26 से 27 किलोमीटर तय करके जाना पड़ता है। कम दूरी होने की वजह से जनपद से आने-जाने वाले लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह सफर अब कष्टदायी हो रहा है।
लोगों ने बयां की परेशानी
फोटो-11-ं मोहल्ला मीरखपुर निवासी संजय बताते है कि उनकी आभूषणों की दुकान बिंदकी में है। वह प्रतिदिन फतेहपुर काम के सिलसिले में मुगल रोड से आते-जाते हैं। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने पर अब मजबूरीवश हाईवे से आते- जाते हैं। हाईवे से आवागमन में समय ज्यादा लगता है।
फोटो-12- बिंदकी के प्रियेश तिवारी ने बताया कि वह फतेहपुर में वकालत करते हैं। हाईवे के बजाए मुगल मार्ग से जाने से करीब 5 किमी दूरी कम हो जाती है। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है, लेकिन रोड खराब होने से अब हाईवे से जाना मजबूरी है।
कोट्स
मुगल मार्ग में गड्ढे हो गए हैं और गिट्टियां फैल गई हैं। इस संबंध में जानकारी नहीं है। इस मामले में एक्सईएन से जानकारी ली जाएगी।-एसके गौतम, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी