फर्रुखाबाद। शहर के चर्चित गुरुशरणम् होटल का मलबा 13.05 लाख रुपये में नीलाम कर दिया गया। नीलामी बोली में छह लोगों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने 15 दिन में मलबा हटाने के निर्देश दिए हैं। गैंगस्टर के आरोपी बसपा नेता का यह होटल अवैध तरीके से धन अर्जित करके तालाब की भूमि पर बनाया गया था।
फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे गैंगस्टर के मामले में आगरा जेल में बंद हैं। प्रशासन ने ठंडी सड़क स्थित आलीशान गुरुशरणम् होटल को अवैध धन से तालाब की भूमि पर बना पाया। इसी के चलते उसे धराशायी कर दिया था। कई दिन से मलबा नीलाम करने की प्रक्रिया चल रही थी। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र की अध्यक्षता में बोली लगाई गई। नीलामी में छह बोलीदाताओं ने हिस्सा लिया। पांच राउंड तक की बोली में सभी बोलीदाताओं ने हिस्सा लिया। मगर इसके बाद सिर्फ दो बोलीदाताओं में सुशील कुमार और अरविंद कुमार रह गए। अंत में अरविंद कुमार ने 13 लाख रुपये की बोली लगाई।
इसके बाद अंतिम बोली लगाने की बात कही गई, तो सुशील कुमार 13.05 लाख रुपये पर पहुंच गए। इसके बाद कोई भी बोलीदाता आगे बढ़ने के लिए राजी नहीं हुआ। इस के बाद मलबा की बोली सुशील कुमार के पक्ष में कर दी गई। अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र डीके सिंह ने बताया कि गुरुशरणम होटल के मलबे की नीलामी 13.05 लाख रुपये में रकाबगंज के सुशील कुमार के पक्ष में हुई है। मलबा हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।
यहां बता दें कि प्रशासन ने होटल गिराने के दूसरे दिन मलबा हटवाने का प्रयास किया, तो सरिया आदि की लूट मच गई। चार दिन तक गिहार बस्ती के लोग रामलीला गड्ढा में पड़े मलबा से सरिया आदि निकालते रहे। इसके बाद नीलामी का फैसला किया गया था। नीलामी के दौरान सीओ सिटी प्रदीप सिंह, ईओ रविंद्र कुमार, कर निर्धारण अधिकारी जगजीवनराम और कादरीगेट थाना प्रभारी विनोद शुक्ला पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
बसपा नेता की अन्य इमारतों पर भी तिरछी नजर
प्रशासन की इस समय बसपा नेता की अन्य संपत्तियों पर भी तिरछी नजर है। माना जा रहा है कि कुछ ही महीनों में प्रशासन इन संपत्तियों पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। हालांकि गुरुशरणम होटल सबसे कीमती और आलीशान माना जाता था। लिहाजा इसे गिराकर प्रशासन अपराध जगत से जुड़े लोगों में सख्त संदेश देना चाहता था। इसीलिए इस इमारत को प्राथमिकता के आधार पर धराशाही किया गया था।