संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। मोहर्रम के चांद के बाद से शिया मुस्लिम कर्बला की शहादत को लेकर गमजदा हैं। इमाम हुसैन और जानिसारों की याद में दो माह आठ दिन तक गमगीन माहौल रहेगा। गुरुवार को महिलाओं की मजलिस में इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र होते ही महिलाओं के आंशू छलकने लगे।
गुरुवार देर शाम मोहल्ला गढ़ी कोहना स्थित अंजुम शाहिद के इमामबाड़े में मजलिस हुई। इमाम हुसैन की याद में शिया मुस्लिम महिलाओं व बच्चों ने भी मातम किया। मजलिस में बोल रहीं जाकिरा ने कहा कि दीन को बचाने की खातिर हजरत जैनब ने कर्बला के मैदान में अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया था। आज हम लोग हैं कि नमाज व रोजा से दूर हो चुके हैं। एक-दूसरे की भलाई-बुराई में लगे हैं। हम सबको चाहिए अल्लाह और उसके नबी के बताए रास्ते पर चलें। भलाई और बुराई से दूर रहें। इस मौके पर अंजुम शाहिद, साहिबा फातिमा, नगमा फातिमा, सीना फातिमा, शिवा फातिमा, हुमा फातिमा, रेहाना बेगम, नन्ही बेगम, रुखसार फातिमा, शकीला बेगम आदि मौजूद रहीं।