फर्रुखाबाद। दोहरे हत्याकांड में मृत घोषित की गई महिला जीवित निकली। महिला ने कोर्ट में बयान दर्ज करा दिए हैं। ऐसे में पुलिस के समाने अब मृत महिला की पहचान कराना चुनौती बन गया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव कतरौली पट्टी निवासी सर्वेश कुुमार ने 12 जुलाई 2003 को पुलिस को सूचना दी कि खुदागंज रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में एक युवक का शव पड़ा है।
पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पर एक युवक व महिला का शव मिला। पुलिस ने युवक की शिनाख्त कानपुर निवासी सुधीर शुक्ला व महिला की शिनाख्त कानपुर नगर दादानगर नैनकोठी निवासी मुन्नी देवी उर्फ शशी के रूप में की थी। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
विवेचक ने जनपद शाहजहांपुर थाना कलान मोहनपुर निवासी श्रीकृष्ण, गांव कतैराली पट्टी निवासी पवन कुमार गुप्ता, गांव केसरी नगला निवासी अमर सिंह यादव, जनपद व कोतवाली एटा के गांव रारपट्टी निवासी राजवीर व नरेश के खिलाफ अवैध संबंधों के चलते सुधीर व मुन्नी देवी उर्फ शशी की हत्या करने में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान पवन कुमार गुप्ता की मौत हो गई।
पवन की शादी दादानगर नैनकोटी निवासी बबली के साथ हुई थी। उसके घर के पास में ही बहन मुन्नी देवी रहती हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार सिंह राठौर आरोपी राजवीर व नरेश के बचाव में मुकदमे पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बबली के कोर्ट में बयान कराए थे।
बबली ने कोर्ट को बताया कि उसकी बहन मुन्नी देवी उर्फ शशी जीवित है। सोमवार को मुन्नी देवी उर्फ शशी ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए और बताया कि वह जीवित है। हत्या किसकी हुई इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है।
राजकुमार सिंह राठौर ने बताया कि पुलिस ने जिसकी 17 वर्ष पहले हत्या करना बताया गया वह मुन्नी देवी उर्फ शशी जीवित है।
मरने वाले की शिनाख्त कैसे कराई गई और वह कौन है। इसका पुलिस को पता लगाना होगा। सीओ अमृतपुर रवींद्र नाथ राय ने बताया कि वह बाहर हैं। मंगलवार को पूरे मामले में जांच कर जानकारी कर अवगत कराएंगे।