फर्रुखाबाद। लकड़ी ठेकेदार हत्याकांड में गवाह के अंगूडे का मिलान मूल अभिलेखों से कराया जाएगा। फिंगर एक्सपर्ट मोबाइल से अभिलेख की फोटो खींचकर ले गए थे, लेकिन अंगूठे का मिलान नहीं हो पाया। प्रपत्र प्राप्त करने के लिए 27 जून को फिंगर एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में बसपा नेता को फिरोजाबाद जेल से पेशी पर लाया गया।
कन्नौज जिले के कोतवाली गुरसहायगंज के कस्बा समधन निवासी लकड़ी ठेकेदार शमीम की 25 जुलाई 1995 को फतेहगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने इस मामले में मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे, बाल किशन उर्फ शिशु के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच सीबीसीआईडी लखनऊ में स्थानांतरित कर दी गई थी।
विवेचक इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार शर्मा ने बसपा नेता अनुपम दुबे व बाल किशन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार की कोर्ट में चल रही है। इस मुकदमे में गवाह के सीजेएम कोर्ट में कलम बंद बयान पहले हो चुके हैं। गवाह के कोर्ट में पुन: बयान कराए गए।
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र सिंह चौहान ने गवाह के पहले और बाद में दिए गए बयान पर एतराज जताया। इस पर गवाह ने पहले दिए गए बयान पर असहमति जताई थी। कोर्ट ने फिंगर एक्सपर्ट लखनऊ की टीम को गवाह के पहले दिए गए बयान के प्रपत्र पर लगे अंगूठे का मिलान करने के आदेश दिए थे। एक्सपर्ट कोर्ट में पेश हुए। वह गवाह के अंगूठे व प्रपत्र की मोबाइल से फोटो खींचकर मिलान करने के लिए ले गए, लेकिन इससे अंगूठे का मिलान नहीं हो पाया।
आठ जून को एक्सपर्ट की ओर से कोर्ट में मूल प्रपत्र के लिए पत्र भेजा गया था। शुक्रवार को बसपा नेता अनुपम को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेशी पर लाया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फिंगर एक्सपर्ट टीम को 27 जून को मूल प्रपत्र लेने के लिए तलब किया है। मूल प्रपत्र से गवाह के अंगूठे का मिलान कराया जाएगा।