फर्रुखाबाद। शमीम हत्याकांड में गवाह के अंगूठे का फोरेंसिक टीम लखनऊ भी मिलान नहीं कर पाई। कोर्ट ने एसपी को पत्र भेजकर केंद्रीय फारेंसिक लैब दिल्ली या एनसीआर की लैब से अंगूठे का मिलान कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए सीओ स्तर के अधिकारी को वहां भेजने का आदेश दिया है।
जनपद कन्नौज कोतवाली गुरसहायगंज कस्बे समधन निवासी लकड़ी ठेकेदार शमीम की फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में 25 जुलाई 1995 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे, बाल किशन उर्फ शिशु के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे की विवेचना सीबीसीआईडी के विवेचक प्रमोद कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने कोर्ट में दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार की कोर्ट में चल रही है। लकड़ी ठेकेदार हत्याकांड में गवाह इदरीश ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र सिंह चौहान ने गवाह इदरीश के सीजेएम कोर्ट में पहले दिए गए 164 के बयान को लेकर सवाल उठाए थे। गवाह इदरीश ने कोर्ट में 164 के बयान नहीं देने की बात कही थी। कोर्ट में सीजेएम कोर्ट में गवाह के दिए गए बयान के मूल प्रपत्र पर लगे अंगूठे के निशान और वर्तमान में उसके अंगूठे के निशान का फाेरेंसिक टीम लखनऊ से मिलान कराया। फाेरेंसिक टीम ने भेजी गई रिपोर्ट में गवाह के मूल प्रपत्र के अंगूठे के निशान नहीं मिलना बताया। शुक्रवार को बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे को फिरोजाबाद जेल से सुरक्षा में पेशी पर लाया गया। वहां गवाह के अंगूठे का मिलान नहीं होने की बात बताई गई। कोर्ट ने इस मामले में एसपी को पत्र भेजा है। गवाह के अंगूठे का मूल प्रपत्र के अंगूठे से केंद्रीय फाेरेंसिक टीम दिल्ली व एनसीआर लैब से मिलान कराने के लिए सीओ स्तर के अधिकारी को वहां भेजने के आदेश दिए हैं।