फर्रुखाबाद। मंडी में आलू का भाव अच्छा होने के साथ आवक भी घट गई है। इससे अधिकांश शीतगृहों में भले ही भंडारण पूरा नहीं हो सका, लेकिन आलू की निकासी शुरू होने लगी है। इससे आलू भाव और बढ़ने की उम्मीद है।
जनपद में 99 शीतगृह हैं। इनमें नौ लाख 40 हजार 651.16 मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। खेतों में आलू की खोदाई समाप्त हो चुकी है। अभी तक शीतगृहों में क्षमता के मुताबिक औसतन 72.10 प्रतिशत 6 लाख 78 हजार 209.49 मीट्रिक टन ही आलू भंडारित हो सका है। जिले के बमुश्किल 20 शीतगृहों में ही क्षमता के मुताबिक आलू भंडारण हुआ है, जबकि शेष में जगह खाली है। कई शीतगृहों में तो 25 से 50 फीसदी ही आलू भंडारित हो सका है।
मार्च में ही सातनपुर मंडी में आलू की आवक घटकर 20 से 40 ट्रक रह गई। सामान्य आलू का भाव 1450 रुपये से लेकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। तीन वर्ष से लगातार आलू में घाटा झेल रहे किसानों को इस बार आलू का भाव अच्छा मिला। इससे उन्हें मुनाफा होने की उम्मीद है। भाव में उतार-चढ़ाव को लेकर जरूरतमंद किसानों ने शीतगृहों से भी निकासी शुरू कर दी है।
भाव अच्छा मिलने से किसान तो खुश हैं, लेकिन क्षमता के मुताबिक आलू का भंडारण न होने से कई शीतगृह मालिक निराश हैं। भाव अच्छा होने से अब किसान भंडारण के बजाए सीधे मंडी का रुख कर रहे हैं। इससे शीतगृह संचालकों को अब भंडारण होने की उम्मीद पर भी पानी फिर रहा है।