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फर्रुखाबादः सीएमओ ने एक डॉक्टर और नौ कर्मचारियों का वेतन रोका

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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी के निर्देश पर औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को लोहिया अस्पताल के एक डॉक्टर समेत नौ कर्मचारी नदारद मिले। उन्होंने इन सभी का वेतन रोकने का आदेश दिया है। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी की ट्रीटमेंट-ट्रे अलमारी में बंद मिली। अलमारी का ताला न खुलने पर नाराजगी जताई। सीएमएस को शीघ्र व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक लोहिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीकू वार्ड में भर्ती बच्चों को देखा। वहां प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना नदारद मिले। जानकारी पर पता चला कि डॉ. विवेक सक्सेना छुट्टी पर गए हैं। इसके बाद वह एनआरसी वार्ड पहुंचे। वहां बच्चों का हाल जाना।
अल्ट्रासाउंड कक्ष का एसी खराब मिला और एक कोने से बारिश का पानी आने से प्लास्टर टूटा था। सीएमओ ने सीएमएस से तुरंत सुधार कराने के आदेश दिए। इसके बाद सीएमओ लैब में पहुंचे। वहां प्रभारी अमृता श्रीवास्तव और एलटी विनीत सिंह नहीं मिले। इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने नमूने की जांच कराकर देखी।
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सीएमओ इमरजेंसी पहुंचे, तो कर्मचारी बिना यूनिफार्म में दिखा। इस पर फटकार लगाई। कहा कि यह अनुशासनहीनता है। यहां बाहरी और स्वास्थ्य कर्मी को कैसे पहचाना जाएगा। सीएमओ ने इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट एसके मिश्रा, संजीव कुमार और सचिन द्विवेदी से ट्रीटमेंट-ट्रे के बारे में पूछा, तो पता चला कि वह अलमारी में बंद है। काफी प्रयास के बाद भी ताला नहीं खुला।
इस पर इन तीनों का वेतन रोक दिया। उन्होंने सीएमएस को व्यवस्थाएं सुधारने के आदेश दिए। पैथालॉजिस्ट डॉ. किरीटी कनौजिया भी नदारद मिले। टीबी लैब में तैनात कर्मचारी सुमित आर्या गैरहाजिर मिले।
एसएनसीयू वार्ड में सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर यहां तैनात स्टाफ नर्स रीतू सैफाली व आराधना का वेतन रोक दिया। सीएमओ ने बताया कि एक डॉक्टर और नौ कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं। इनका वेतन रोका जाएगा। वह अपनी रिपोर्ट बनाकर डीएम को देंगे।
फार्मासिस्ट ने गलत नाम बताया
सीएमओ इमरजेंसी का निरीक्षण कर रहे थे। फार्मासिस्ट एसके मिश्रा बिना यूनिफार्म में थे। सीएमओ ने उन्हें फटकार लगाकर नाम पूछा, तो उन्होंने मुकेश दीक्षित बता दिया। इस दौरान सच बताने की बजाए सीएमएस भी मुस्कराते रहे, जबकि मुकेश दीक्षित इंजेक्शन रूम में ड्यूटी कर रहे थे। उन्हें पता चला तो वह इमरजेंसी पहुंचे, मगर सीएमओ जा चुके थे। बाद में वह सीएमओ से उनके दफ्तर में मिले और हकीकत बताई।
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