फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद के पास बेहिसाब जमीन का हिसाब तक नहीं है। सेवानिवृत्त कर्मी के परिजन बिना आवंटन के नपा के आवासों और जमीन का उपयोग कर रहे हैं। कई कर्मियों ने पक्के कमरे भी बनवा लिए। यही नहीं पटल के लोगों से मिलकर भू-उपयोग की रसीद कटवा ली।
नगर पालिका दफ्तर के सामने पालिका के पास बड़ा भूभाग है। इसमें दक्षिण दिशा में काफी संख्या में कर्मचारियों के लिए आवास भी बने हैं। कई-कई सालों से रह रहे कर्मियों ने आवासों के पास खाली पड़ी जमीन पर पक्की दीवारें बनाकर टिनशेड डाल लिए। यही नहीं बिना अनुमति के कई कमरे भी बनाए गए हैं। पालिका के बिजली विभाग में तैनात रहे एक कर्मचारी तो कई सालों से चक्की भी चलाते रहे। अभी भी टिनशेड आदि पड़ा है। एक पंप ऑपरेटर के सेवानिवृत्त के बाद भी उसके बेटे ने जमीन को खाली नहीं किया है। इसी तरह एक बेलदार की सेवानिवृत्ति के बाद मौत हो गई। एक पुत्र पालिका में नौकरी पा गया। वह सरकारी आवास में रह रहा है, जबकि दूसरे बेटे ने वहीं मकान बना लिया है। पानी की टंकी में भी बने आवासों में एक कर्मचारी बिना आवंटन के ही रह रहा है। उसमें नौकरी के साथ कारोबार भी किया जा रहा है। इससे सरकारी भूमि का दुरुपयोग हो रहा है।
नगर पालिका में संपत्ति लिपिक धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि टाउन हाल, फतेहगढ़ पानी की टंकी के पास, आवास विकास टंकी, रखा टंकी आदि में सरकारी आवास बने हैं। उनके पास पालिका में आवासों की संख्या की कोई जानकारी नहीं है। यह जानकारी सर्वेयर के पास हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जो संपत्ति लिपिक है, उसके पास ही पालिका की संपत्ति की जानकारी नहीं है।
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि आवास आवंटन व भूमि पर कब्जे के संबंध में वह जांच कराएंगे। अवैध कब्जेदारों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।