फर्रुखाबाद। शहर से निकलने वाले कूडे़ के निस्तारण के लिए आमिलपुर गांव में बनाए गए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) में 18 लाख की मशीनें लगाई गईं। संचालन के लिए ऑपरेटर की व्यवस्था न होने से एक महीने बाद भी चालू नहीं हो सकी हैं। डंपिंग स्थल पर हजारों टन कूड़े के ढेर लगे हैं।
शहर के टाउन हॉल से करीब पांच किलोमीटर दूर आमिलपुर गांव में नगर पालिका ने एमआरएफ सेंटर बनाया है। उसमें एक टिनशेड में करीब एक माह पहले स्वच्छ भारत मिशन से मिले धन में से 18 लाख रुपये की मशीनें खरीदकर खड़ी की गई हैं। इन मशीनों से शहर से ले जाए गए कूड़े को गीला और सूखा अलग किया जाएगा। यही नहीं इन मशीनों से कूड़े में प्लास्टिक की बोतलें, डिब्बे, पॉलिथीन, ईंट-गिट्टी और लोहा भी अलग होंगी। इसके बाद शेष मैटेरियल से कंपोस्ट खाद बनाने का काम होगा।
डंपिंग स्थल पर रोजाना 100 ट्रॉली से अधिक कूड़ा ले जाया जाता है। नगर पालिका परिषद एक माह बाद भी मशीनों का संचालन शुरू नहीं कर सकी है। क्योंकि अभी तक ऑपरेटर की तैनाती नहीं की गई है। इससे डंपिंग स्थल पर कूड़े का भंडारण बढ़ता जा रहा है। ढेरों से उठती सड़ांध से आसपास खेतों में काम करना मुश्किल है।
कंपोस्ट खाद से बढ़ेगी पालिका की आय
एमआरएफ सेंटर में ही कंपोस्ट खाद बनाने की योजना है। योजना यदि साकार रूप लेती है, तो नगर पालिका की आय में इजाफा होगा। फिलहाल योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है।
शहर को स्वच्छ रखने के लिए कूड़ा निस्तारित करना जरूरी है। मशीनें आ गई हैं। इन्हें चालू करने की देरी है। पालिका जैसे ही ऑपरेटर की व्यवस्था कर देगी, मशीनें चालू करवा दी जाएंगी।
- विनय कुमार, जिला प्रोजेक्ट मैनेजर, स्वच्छ भारत मिशन
एमआरएफ सेंटर चालू होने के लिए तैयार है। चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। निकाय चुनाव के बाद चालू करवा दिया जाएगा। इसके बाद सफाई में काफी सहूलियत हो जाएगी।
- ब्रजेंद्र सिंह, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर पालिका परिषद, फर्रुखाबाद