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Farrukhabad News: अपात्रों को आवास देने में दो सचिव और निलंबित

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फर्रुखाबाद। अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान देने में डीपीआरओ ने दो सचिवों को निलंबित कर दिया है। उन्हें दूसरे ब्लाॅक कार्यालयों से संबद्ध कर एडीओ को जांच सौंपी गई है। एक सप्ताह पूर्व इसी मामले में दो सचिव निलंबित हो चुके हैं।
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राजेपुर ब्लाॅक क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास आवंटन में जमकर धांधली हुई है। अपात्रों को आवास देकर पात्रों को वंचित कर दिया गया। आवास न मिलने पर गरीबों ने वसूली की पोल खोलते हुए डीएम व सीडीओ से शिकायत की थी। इस पर न्याय पंचायतवार अधिकारियों की कमेटी गठित कर जांच कराई गई तो 99 आवास अपात्र मिले थे। इसमें आठ सचिव दोषी पाए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने शिकंजा कसा। बीडीओ कौशल कुमार गुप्ता के खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई लंबित है। वहीं, डीडीओ एक सप्ताह पहले ही दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित कर चुके हैं। डीएम व सीडीओ के अनुमोदन पर बुधवार को डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने दो सचिवों को निलंबित किया है। उन्होंने 15 अपात्रों को आवास देने में सचिव विवेक कुमार को निलंबित कर बढ़पुर ब्लाॅक से संबद्ध कर दिया।
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सचिव द्वारा ग्राम पंचायत दहेलिया में पांच, बहादुरपुर में तीन, गांधी में चार व कमालुद्दीनपुर में तीन अपात्रों को आवास देकर तीनों किस्तों की धनराशि भी दी जा चुकी हैं। एडीओ शमसाबाद को जांच अधिकारी नामित कर 15 दिन में सचिव के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
उन्होंने सचिव यशकांत सिंह को 23 अपात्रों को आवास देने में निलंबित किया है। सचिव ने ग्राम पंचायत हमीरपुर सोमवंशी में 13, बरुआ में तीन, भुड़िया भेड़ा में एक, अंबरपुर में चार व कंचनपुर सबलपुर में दो अपात्रों को आवास दिए हैं। डीपीआरओ ने सचिव को निलंबन अवधि में कमालगंज ब्लाॅक कार्यालय से संबद्ध कर एडीओ को जांच सौंपते हुए 15 दिन में आरोपपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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