मोहम्मदाबाद। अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के आदेश पर दो सिपाहियों और दो होमगार्डों के खिलाफ युवक की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें अवैध वसूली का विरोध करने पर लाठी-डंडों व धारदार हथियार से चार लोगों को घायल करने, जिसमें एक की इलाज के दौरान मौत होने का आरोप है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मौधा के मजरा नहरैया निवासी अर्चना देवी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के आदेश पर चीता मोबाइल पर तैनात सिपाही नरेंद्र, सर्वेंद्र, होमगार्ड सर्वेश व अरविंद के खिलाफ पति की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
इसमें आरोप लगाया कि पति सत्यभान, पुत्र गुलशन, जेठ राजेश व उनका पुत्र अमन दो बाइकों से छह मई को भूड़नगरिया नगला बाग एक शादी समारोह में गए थे। रात को लगभग एक बजे चारों लोग वापस आ रहे थे। मंडी चौराहे के पास चीता मोबाइक के सिपाहियों नरेंद्र, सर्वेद्र और होमगार्डों सर्वेश, अरविंद ने अवैध वसूली के लिए इन्हें रोक लिया।
सत्यभान सहित चारों लोगों को लाठी-डंडों से पीटकर जेब से 1600 रुपये छीन लिए। सत्यभान ने बाइक स्टार्ट कर अधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दी। इस पर सिपाहियों व होमगार्डों ने पीछा कर भट्ठे के पास सत्यभान को बाइक समेत गिरा दिया।
लाठी-डंडों व धारदार हथियार से सत्यभान, जेठ राजेश, पुत्र गुलशन, भतीजे अमन को पीटकर घायल कर दिया। चारों घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सात मई को गंभीर हालत होने पर सत्यभान को सैफई रेफर कर दिया गया। 19 मई को इलाज के दौरान सत्यभान की मौत हो गई थी।