फर्रुखाबाद। 17 साल पहले उधारी के रुपये न देने पर गोली मारने के मामले में दो भाइयों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। 25-25 हजार रुपये का जुर्माना न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव डूंगरपुर निवासी राजवीर ने गांव के संतोष व उसके भाई दिनेश के खिलाफ 1 फरवरी 2006 को जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि भाई अनिल की मंडी चौराहे पर मिठाई की दुकान है। भाई ने संतोष व दिनेश को रुपये उधार दिए थे। 1 फरवरी की सुबह भाई अनिल संतोष व दिनेश से उधारी के रुपये मांगने के लिए गया। इस पर दोनों भाई गाली-गलौज करने लगे।
उसी दौरान भतीजा धीरेंद्र भी वहां पहुंच गया। संतोष व दिनेश ने धीरेंद्र को लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया और भाई अनिल के गोली मार दी। विवेचक ने दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने संतोष व उसके भाई दिनेश को 10-10 साल की कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दोनों को छह-छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।