फर्रुखाबाद। 26 वर्ष पहले चबूतरे पर भूसा उतारने के विरोध में ग्रामीण की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। शनिवार को दोनों को सजा सुनाई जाएगी।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव बमियारी निवासी किशन पाल ने गांव के सुंदर सिंह, बांकेलाल, बेचेलाल, अवधेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि एक मई 1997 को गांव के सुंदर सिंह बैलगाड़ी में भूसा भरकर लाए। भूसा उसके चबूतरे पर उतरवा दिया। इसके बाद सुंदर सिंह दूसरी बार बैलगाड़ी से भूसा लेकर चबूतरे पर उतरवाने पहुंचे।
ताऊ मित्रपाल ने चबूतरे पर भूसा उतारने का विरोध किया। इस पर सुंदर सिंह सहित सभी चारों लोग गालीगलौज करने लगे। ताऊ मित्रपाल व कुंवरपाल से मारपीट करने लगे। सुंदर ने लाइसेंसी बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से मित्रपाल घायल होकर गिर गए। उनकी मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सुंदर सिंह, बांकेलाल की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने बेचेलाल व अवधेश को गैर इरादतन हत्या में दोषी करार किया है। सजा के लिए 16 दिसंबर की तिथि नियत की गई है।