सर्राफा बाजार बंदी का असर तीसरे दिन शनिवार को ही दिखने लगा है। सर्राफा बाजार बंदी होने के कारण ग्राहक चढ़ावा खरीदने के लिए भटकते रहे। सर्राफा कारोबारियों की मानें तो जिले में हड़ताल से करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उधर, नेहरू रोड पर सर्राफा कारोबारियों ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर भड़ास निकाली।
सोने व हीरे के आभूषणों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के विरोध में फर्रुखाबाद व फतेहगढ़ युग्म नगरों में सर्राफा व्यवसायियों की करीब तीन सैकड़ा दुकानें बंद रही। नेहरू रोड पर श्रीसर्राफा कमेटी के बैनर तले सर्राफा दुकानदारों और कारीगरों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार को कोसा। प्रांतीय महामंत्री अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ और अध्यक्ष मनोज रस्तोगी ने मोहम्मदाबाद कस्बे में जाकर बाजार बंदी को सफल बनाया।
बाजार बंदी होने के कारण नेहरू रोड, त्रिपोलिया चौक और कटरा डौरूनाथ आदि बाजारों में शादी के लिए चढ़ावा खरीदने आने वाले लोग भटकते दिखे। हालांकि कुछ सर्राफा दुकानदारों ने ग्राहकों से बातचीत करके चढ़ावे के जेवरात बेचे। वहीं नेहरू रोड पर एक सर्राफा व्यवसायी दुकान खोलकर दूसरे दिन भी बिक्री करते रहे। सेठ गली स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा वाली गली में कारीगर दुकानें खोलकर काम करते मिले।
सर्राफा कारोबारी हाजी शकील और सूरज भारद्वाज ने बताया कि तीन दिन की बंदी में जिले भर में करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस अवसर पर हाजी कंजू भाई, अंकित अग्रवाल, सार्थक अग्रवाल, अदील सऊद, अशोक कुमार, नीरज रस्तोगी, अशोक कुमार, कृपाशंकर वर्मा, संदीप वर्मा, विनोद कुमार, ब्रजकिशोर वर्मा, महामंत्री राजीव शुक्ला, लल्ला रस्तोगी, रिंकू रस्तोगी, किशन पंजाबी, अमित वर्मा, संजय वर्मा, अनिल रस्तोगी, कुमारचंद्र वर्मा, कोषाध्यक्ष चंद्रकिशोर वर्मा, सोनू गुप्ता, विमलचंद्र वर्मा, दीपक अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, रानू वर्मा, राहुल वर्मा, अशोक गुप्ता, विनोद वर्मा, कृपाशंकर वर्मा, दीपक वर्मा, उत्तम वर्मा और गोपाल वर्मा आदि मौजूद रहे।