फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: नगर पालिका के टेंडर में पेच, फंसा करोड़ों का भुगतान

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। नगर पालिका में हुए टेंडरों में पेच फंसने के बाद करोड़ों का भुगतान फंस गया। जिलाधिकारी व कोषाधिकारी ने आपत्ति लगाकर नियमावली तलब कर ली। ठेकेदार और पालिका पटल कर्मी देर रात तक कोषागार के चक्कर लगाते रहे। इधर, अधिशासी अधिकारी ने बिना डीएम की स्वीकृति मिले पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) फार्म निकालने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद में निर्माण, जलकल, लाइट आदि विभागों के करोड़ों रुपये के भुगतान की फाइलें स्वीकृति के लिए डीएम के यहां भेजी गई थीं। इन फाइलों में डीएम ने जब टेंडरों की प्रक्रिया परखी, तो उसमें कई खामियां दिखाई दीं। लिहाजा उन्होंने आपत्ति लगाकर कोषाधिकारी के पास भेज दिया। कोषाधिकारी ने पालिका से टेंडरिंग का पुराना शासनादेश तलब कर लिया।
पता चला कि मैनुअल टेंडर के लिए तीन टेंडर होने चाहिए। इसी तरह ऑनलाइन में भी नियम लागू होता है, मगर पालिका सूत्र बताते हैं कि कई टेंडरों में नियमों को ताक पर रखा गया। दो-दो ई-टेंडर पड़ने पर ही कार्यदायी संस्थाओं को ठेके दे दिए गए। इसी के चलते वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मामला फंस गया है।
विज्ञापन

कई ठेकेदारों ने अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार से पूर्व की भांति इस बार भी अग्रिम पीएमएफएस निकालने की बात कही, मगर उन्होंने रात 12 बजे तक उन्हीं भुगतान का पीएमएफएस निकालने की बात कही, जिन पर जिलाधिकारी की स्वीकृति मिल जाएगी। इसी के चलते देर रात तक पटल लिपिक और कई ठेकेदार कोषागार में डेरा डाले रहे। हालांकि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं।
-
पीएफएमएस निकलने के बाद 10 दिन होता मान्य
किसी भी सरकारी विभाग की ओर से फर्म के लिए भुगतान करने के लिए पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल से निकाल लेते हैं। इसके बाद फाइलों पर हस्ताक्षर होने के बाद 10 दिन तक उन्हें बैंक में लगवा दिया जाता है और ठेकेदार को बैंक से भुगतान हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें