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अतिक्रमण हटाने में मनमानी के खिलाफ चौक पर लेटे व्यापारी, नोकझोंक

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फर्रुखाबाद। अतिक्रमण हटाने में मनमानी के खिलाफ सर्वोदयी नेता अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में व्यापारियों ने चौक पर जाम लगा दिया। पहले रेलवे रोड से अतिक्रमण हटाने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कोतवाल ने अधिवक्ता से सख्ती बरती तो व्यापारी जमीन पर लेट गए। सीओ सिटी के आश्वासन पर व्यापारी माने। इस दौरान दो घंटे तक जाम लगा रहा।
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शहर में तीन महीनों से रेलवे रोड, जेएनवी रोड, कादरीगेट से लिंजीगंज और लालगेट से कादरीगेट पर दुकानें, मकान ढहाए जा चुके हैं। अभी तक पालिका परिषद रेलवे रोड पर मात्र 25 मीटर नाली बना सकी है। अतिक्रमण हटाने में भेदभाव से त्रस्त व्यापारियों के साथ अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह रविवार सुबह आठ बजे चौक पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट पर पालिकाध्यक्ष पर अतिक्रमण हटाने में पक्षपात करने का आरोप लगाया।
करीब नौ बजे सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव पहुंची। व्यापारियों से हटने को कहा, उन्होंने मना किया तो मुकदमा दर्ज कराके जेल भेजने की चेतावनी दी। इस पर व्यापारी बिफर गए और मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। बात बिगड़ती देख सिटी मजिस्ट्रेट हट गईं। कोतवाल से आंदोलनकारियों को हटाने को कहा।
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कोतवाल विनोद शुक्ला और अधिवक्ता लक्ष्मण सिंह में खींचतान होने लगी। इससे अफरातफरी मच गई और कई लोग चौक पर लेट गए। उन्होंने कहा कि अभी तक रेलवे रोड को मॉडल बनाने के नाम पर तीन माह से व्यापार ठप कर दिया गया। अब नाले के बजाय मानक विहीन नाली बननी शुरू हुई हैं।
15 दिन में बमुश्किल 25 मीटर नाली का निर्माण हो सका। सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने व्यापारियों से बातचीत की। काफी कोशिश के बाद व्यापारी दोपहर में डीएम से वार्ता के लिए राजी हुए। दो घंटे बाद जाम खुल सका।
पहले रेलवे रोड क्लीयर करें, फिर दूसरा चुनें
व्यापारियों का कहना है कि जानबूझ कर रेलवे रोड को तोड़ा गया। लोहाई रोड की दो माह पहले नाप हो गई, मगर नक्शा गायब होने की बात कहकर काम बंद कर दिया। रेलवे रोड की अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है और अब लालगेट से बीबीगंज मुख्यमार्ग पर बुलडोजर चलाने के लिए चिह्नांकन शुरू कर दिया।
भाजपा नेता ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने सिटी मजिस्ट्रेट पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि वह आर्थिक लाभ के लिए पालिकाध्यक्ष से मिलकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि व्यापारी का उत्पीड़न न हो, मगर सिटी मजिस्ट्रेट उत्पीड़न कर रही हैं। उनकी ज्यादती को लखनऊ पहुंचाया जाएगा। उनको दंड देकर यहां से हटाया जाए। प्रदेश के किसी भी सिटी मजिस्ट्रेट ने पौराणिक शहर को उजाड़ने का काम नहीं किया। ऐसे अधिकारी पर हर हाल में कार्रवाई होनी चाहिए।
इनसेट
आरोप निराधार, अतिक्रमण पर काम रुकेगा नहीं
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने कहा कि कोई पक्षपात नहीं हुआ। सभी आरोप निराधार हैं। रेलवे रोड पर छह-छह बार दरवाजे पर जाकर निष्पक्ष काम किया। हम किसी को प्रताड़ित करना नहीं चाहतेे। इनमें से कई लोग वह हैं, जो अवैध निर्माण कर चुके हैं। उन पर पिछले चार-पांच साल से कार्रवाई चल रही है। उससे बचने के लिए सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं। 44 साल में इन रोडों पर करीब पांच हजार नक्शा पास हुआ। जिसमें 13 मीटर रोड छोड़कर डेढ़ मीटर फ्लड बैक छोड़ने का प्रावधान था। उसके शपथ पत्र भी दिए हैं। महायोजना के तहत कार्रवाई चल रही है। कार्रवाई जारी रहेगी।
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राजेश मिश्रा
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